गड़चिरोली आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र बना नागोबा देवस्थान, जानें क्या है जमीन में समाई महिला की कथा
Gadchiroli News: गड़चिरोली के गोगांव स्थित नागोबा देवस्थान में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस मंदिर की पौराणिक मान्यता और रथसप्तमी का मेला काफी प्रसिद्ध है।
Gadchiroli Tourism News: नागोबा देवस्थान में इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष प्रवाह देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय से करीब 4 किमी दूरी पर गोगांव के जंगल परिसर में स्थित यह धार्मिक स्थल प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक मान्यताओं का अद्भुत संगम है। हराभरा वातावरण, पक्षियों की मधुर चहचहाहट और शांत परिवेश यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मानसिक शांति प्रदान करता है।
रथसप्तमी और नागपंचमी जैसे विशेष अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेषकर रथसप्तमी के दिन यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसे गड़चिरोली तहसील का सबसे बड़ा मेला माना जाता है।
पहले यहां एक छोटा मंदिर हुआ करता था, लेकिन बढ़ती आस्था और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए करीब चार वर्ष पूर्व गोगांव ग्राम पंचायत द्वारा मंदिर का भव्य निर्माण कराया गया। मंदिर पर ऊंचा कलश स्थापित किया गया है तथा परिसर का भी सुंदरीकरण किया गया है। साथ ही यहां पौधारोपण कर वातावरण को और भी आकर्षक बनाया गया है।
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गोगांव-दिभना मार्ग से सटे होने के कारण इस रास्ते से गुजरने वाले लोग भी यहां रुककर दर्शन करते हैं। मंदिर परिसर में अक्सर शालेय विद्यार्थी, युवा और कामगार वर्ग सामूहिक भोजन (भंडारा) का आयोजन करते हैं। सावन माह में यहां विशेष रूप से भीड़ बढ़ जाती है।
रथसप्तमी का विशेष महत्व
रथसप्तमी के दिन यहां विशाल मेला लगता है। इस दौरान गोगांव, अडपल्ली और दिभना जैसे गांवों में नाटकों का मंचन भी किया जाता है। यह मेला क्षेत्र के लोगों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता।
ऐसी है मान्यता
स्थानीय मान्यता के अनुसार, वर्षों पहले गोगांव की कुछ महिलाएं जंगल में उपले (गोबर के कंडे) इकट्ठा करने गई थीं। इसी दौरान एक महिला जमीन में धंस गई। उसने अपने छोटे बेटे को बुलाने के लिए कहा। जब बच्चे को वहां लाया गया, तो वह महिला अपने बच्चे के साथ वहीं भूमि में समा गई। उस स्थान पर दो पत्थर प्रकट हुए, जिनकी आज भी पूजा की जाती है। यह धार्मिक स्थल न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम भी प्रस्तुत करता है।
