मारेगांव में मतदाता सूची मैपिंग में तहसील जिले में अव्वल, 85% कार्य पूरा कर फर्जी मतदाताओं पर कसी नकेल
Yavatmal Election Dept News: मारेगांव तहसील ने मतदाता सूची मैपिंग में 85.16% प्रगति के साथ जिले में पहला स्थान पाया है। 2002 की सूची के आधार पर बीएलओ घर-घर जाकर फर्जी मतदाताओं की पहचान कर रहे हैं।
- Written By: रूपम सिंह
BLO Survey (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Yavatmal BLO Survey News: आगामी समय में राज्यभर में चलाए जाने वाले “विशेष गहन पुनरीक्षण” (SIR) अभियान की पूर्व तैयारी में मारेगांव तहसील ने बाजी मार ली है। मतदाता सूची के नामों के ‘मैपिंग’ कार्य में तहसील ने 85 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज करते हुए जिले में पहला स्थान हासिल किया है। मतदाता सूची में गड़बड़ी रोकने के लिए चुनाव आयोग द्वारा वर्ष 2002 की मतदाता सूची को आधार बनाया गया है।
वर्तमान सूची के नामों की तुलना पुराने रिकॉर्ड से की जा रही है, जिससे डुप्लीकेट और संदिग्ध नामों की पहचान आसान हो सके। 15 अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार, तहसील के कुल 63,343 मतदाताओं में से 53, 941 मतदाताओं का मैपिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस तरह प्रगति 85.16 प्रतिशत तक पहुंच गई है। शेष कार्य भी अगले कुछ दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बीएलओ घर-घर कर रहे जांचः इस विशेष अभियान के तहत मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2002 के बाद जिन मतदाताओं के नाम सूची में जुड़े हैं, उन्हें अब अपने परिवार का रिकॉर्ड प्रमाणित करने के लिए माता-पिता या दादा-दादी के नाम (जो 2002 की सूची में दर्ज हैं) से जोड़ना अनिवार्य किया गया है।
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इससे एक ही व्यक्ति के अलग-अलग स्थानों पर दर्ज नाम या फर्जी प्रविष्टियों का पता लगाना आसान होगा। फिलहाल बीएलओ घर-घर जाकर इन जानकारियों की सत्यता की जांच कर रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।
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शेष कार्य जल्द होगा पूरा
प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार 15 अप्रैल तक कुल 63,343 मतदाताओं में से 53,941 का मैपिंग पूरा हो चुका है, जो 85.16 प्रतिशत है। शेष कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। इस प्रक्रिया से नकली और फर्जी मतदाताओं की पहचान करना आसान होगा।
– उत्तम नीलावाड, तहसीलदार, मारेगांव
