जमीन दोगे तो खत्म होगा नक्सलवाद…सांसद किरसान ने संसद में उठाया मुद्दा, गड़चिरोली की जमीनी हकीकत की बयां
MP Namdeo Kirsan Lok Sabha Speech: सांसद डॉ. नामदेव किरसान की संसद में दहाड़। गड़चिरोली के लिए ₹10,000 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग। कहा- जल, जंगल, जमीन से ही खत्म होगा नक्सलवाद।
- Written By: प्रिया जैस
लोकसभा में सांसद डा. नामदेव किरसान (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Naxalism Solution Jal Jangal Zameen: गड़चिरोली जिले में नक्सलवाद केवल कानून व सुव्यवस्था की समस्या न होकर सामाजिक और वित्तीय अन्याय से निर्माण हुई समस्या है। जिससे केवल बंदूक की गोली से नहीं आदिवासियों को उनके जल, जंगल व जमीन पर अधिकार दिलाने से खत्म की जा सकती है। ऐसी बात गड़चिरोली-चिमूर लोस क्षेत्र के सांसद डा. नामदेव किरसान ने लोकसभा में केंद्र सरकार का ध्यानाकर्षण कराते हुए कही।
किरसान ने कहा कि नक्सलवादी और पुलिस के संघर्ष के बीच हमेशा आम आदिवासी ही पीसा जाता है। अनेक बार संदेह के आधार पर निर्दोष आदिवासियों को गिरफ्तार किया जाता है। और उन्हें काफी वर्ष तक जेल में रहना पड़ता है। आदिवासियों को ‘सॉफ्ट टारगेट’ के रूप में उपयोग करना रोकना चाहिए। जिले में बड़े पैमाने पर शुरू लोहखनिज खदान के कारण पर्यावरणीय व सामाजिक परिणाम गंभीर होने की चिंता भी व्यक्त की।
नौकरियां भी की बंद
खदान के चलते जलस्रोत दूषित होकर आदिवासियों को उनकी जमीन के लिए बेदखल किया जा रहा है। नक्सली हमले में मृत्यु हुए लोगों के परिवार की महिलाओं को ‘विशेष पुलिस अधिकारी’ (SPO) के रूप में अस्थाई रूप में दी गई नौकरियां भी बंद किए जाने से उन्होंने चिंता व्यक्त की।
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इन महिलाओं को स्थायी नौकरी में समावेश करने की मांग उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से की है। इसके अलावा पिछले अनेक वर्षों से खेती करने वाले आदिवासियों को वन विभाग द्वारा त्रस्त किया जा रहा है। सड़क और घर निर्माण में बाधा पहुंचाकर आदिवासियों को उनकी जमीन से बेदखल कराने के मामले की ओर उन्होंने सभागृह का ध्यानाकर्षण कराया।
10,000 करोड़ का विशेष पैकेज मंजूर करें
गड़चिरोली नक्सलियों की दृष्टि से अतिसंवेदनशील व आकांक्षी जिला होने के कारण यहां पर बुनियादी सुविधा, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र का विकास करने के लिए केंद्र सरकार सीधे 10 हजार करोड़ का विशेष पैकेज मंजूर करने की मांग भी सांसद डा. नामदेव किरसान ने की है।
