हेल्मेट पहनें, जीवन सुरक्षित रखें, गड़चिरोली शहर यातायात विभाग ने वाहनधारकों में की जनजागरूकता

Traffic Rules Awareness: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत गड़चिरोली में शहर यातायात विभाग ने हेल्मेट उपयोग और यातायात नियमों को लेकर वाहनधारकों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया।
helmet awareness campaign
Traffic Rules Awareness: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Traffic Police Gadchiroli: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के अवसर पर शहर यातायात विभाग की ओर से गड़चिरोली शहर में विविध जनजागरूकता उपक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को शहर यातायात विभाग ने चंद्रपुर, धानोरा, आरमोरी और चामोर्शी मार्ग पर दोपहिया व चारपहिया वाहनधारकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।

विशेष रूप से शहर यातायात विभाग और लीला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 15 महिला तथा 18 पुरुष दोपहिया वाहन चालकों को हेल्मेट वितरित किए गए। इस दौरान वाहन चलाते समय हेल्मेट के नियमित उपयोग का महत्व समझाया गया। यातायात कर्मियों ने कहा कि जीवन अमूल्य है, इसे सड़क दुर्घटनाओं का शिकार न बनाएं। सुरक्षित यात्रा के लिए दोपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेल्मेट का उपयोग करना चाहिए। इस अवसर पर नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने का आह्वान किया गया।

कर्मचारियों ने सहभाग लिया

यह उपक्रम थानेदार विनोद चव्हाण तथा यातायात विभाग के प्रभारी अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक शरद मेश्राम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अभियान में पुलिस हवलदार अजय शेंडे, जितेंद्र मारगये, मोहन तुलावी, प्रवीण नागापुरे, नुतेश चांदेकर, रवि लांजेवार, कपिल चौधरी, अमोल कोराम, महिला पुलिसकर्मी सोनिया दुर्गे और शिल्पा म्हशाखेत्री सहित अन्य कर्मचारियों ने सहभाग लिया।

शराब पीकर वाहन न चलाने की अपील

जनजागरूकता अभियान के दौरान यातायात विभाग ने चारपहिया वाहनधारकों से अपील की कि वाहन चलाते समय चालक की जिम्मेदारी सभी यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की होती है। यदि चालक शराब के नशे में वाहन चलाता है, तो दुर्घटना और जानमाल के नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। वाहन मालिकों से आग्रह किया गया कि वे अपने चालकों को शराब सेवन कर वाहन न चलाने के स्पष्ट निर्देश दें और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें।

स्कूल और महाविद्यालयों में भी जारी उपक्रम

शहर यातायात विभाग की ओर से शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों और महाविद्यालयों में भी जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में छात्रों को यातायात नियम, सड़क दुर्घटनाओं के कारण और चालान प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। साथ ही छात्रों से अपील की जा रही है कि वे अपने अभिभावकों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें, जिससे पूरा परिवार सुरक्षित रह सके।

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