वैनगंगा नदी पर बनेंगे बैरेज के जाल, 198 गांवों को मिलेगा स्थायी सिंचन लाभ
Wainganga River: गड़चिरोली जिले में सिंचन क्षमता बढ़ाने और किसानों को समृद्ध करने के लिए वैनगंगा नदी पर बैरेजों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे 198 गांवों की हजारों हेक्टेयर भूमि हरी-भरी होगी।
- Written By: केतकी मोडक
वैनगंगा नदी पर बैरेज नेटवर्क का काम (सोर्स - फोटो नवभारत)
Gadchiroli Farmers Irrigation Benefit: गड़चिरोली जिले में जल संकट को दूर कर किसानों को समृद्धि की राह पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की दूरदर्शिता से जलसंपदा विभाग ने वैनगंगा नदी पर एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। गड़चिरोली जिले में सिंचन क्षमता बढ़ाने के लिए नदी पर पूर्ण हो चुके, निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित बैरेजों (बांधों) का व्यापक नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।
इस योजना की अवधारणा को गति तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 1 फरवरी 2024 को जलसंपदा विभाग को दिए गए निर्देशों के माध्यम से दी थी। उन्होंने वैनगंगा नदी की जलसंपदा का अधिक प्रभावी उपयोग कर पूर्व विदर्भ को जलसमृद्ध बनाने पर जोर दिया था। उनका मानना था कि नदी पर चरणबद्ध तरीके से बैरेजों का निर्माण होने से सिंचन क्षमता बढ़ेगी, किसानों को एक से अधिक फसल लेने का अवसर मिलेगा तथा जल प्रबंधन को स्थायित्व मिलेगा।
चिचडोह बैरेज हुआ कार्यान्वित
योजना के महत्वपूर्ण चरण के रूप में चामोर्शी के निकट स्थित चिचडोह बैरेज कार्यान्वित हो चुका है। इस बैरेज से वाघोली-बुटी तथा तलोधी मोकासा लिफ्ट सिंचन योजनाओं को लाभ मिल रहा है। तलोधी मोकासा योजना के माध्यम से चामोर्शी क्षेत्र के 16 गांवों की लगभग 4,330 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचन के दायरे में आ गई है। इसके अलावा राजीव चिचडोह योजना को प्रशासनिक मंजूरी देने की प्रक्रिया जारी है, जिससे दिना परियोजना के अंतिम हिस्से के 13 गांवों की 4,017 हेक्टेयर भूमि तथा 1,233 हेक्टेयर स्वतंत्र क्षेत्र को सिंचन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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चिचडोह बैरेज की कुल जल भंडारण क्षमता 62.35 मिलियन घनमीटर है। इसमें सिंचन, पेयजल, औद्योगिक उपयोग तथा वाष्पीकरण को ध्यान में रखते हुए कुल 114।82 मिलियन घनमीटर जल उपयोग की योजना बनाई गई है।
डोंगरसावंगी बैरेज से 17 गांवों को लाभ
आरमोरी तहसील में प्रस्तावित डोंगरसावंगी वैरेज के माध्यम से डोंगरगांव-ठाणेगाव तथा देऊलगांव-डोंगरसावंगी योजनाओं को स्थायी जल उपलब्ध कराया जाएगा, इस परियोजना से 17 गावों की 4,541 हेक्टेयर भूमि को सिंचन सुविधा मिलने की योजना है
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गांवों की कृषि भूमि को मिलेगा संबल
- जलसंपदा विभाग वैनगंगा नदी के समग्र विकास की अवधारणा को साकार करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। चिचडोह बैरेज के कार्यान्वित होने तथा कोटगल, ऐनबोथला और डोंगरसावंगी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद गडचिरोली और चंद्रपुर जिलों की कुल 53,622 हेक्टेयर भूमि सिंचन के दायरे में आ जाएगी। इससे लगभग 198 गांवों के किसानों को स्थायी जल उपलब्ध होगा। सिंचन के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति, औद्योगिक विकास और भूजल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे पूर्व विदर्भकी कृषि अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
- हाल ही में जलसंपदा विभाग की बैठक में ऐनबोथला और डोंगरसावंगी बैरेजों के संशोधित प्रस्ताव तथा फसल जल आवश्यकता संबंधी अध्ययन को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की दूरदृष्टि से आकार ले रही यह जलसमृद्धि पहल वैनगंगा घाटी के विकास को नई दिशा देने के साथ पूर्व विदर्भ के परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
