अब नहीं बिकेगी शराब! गड़चिरोली के 25 गांवों ने लिया बड़ा फैसला
Gadchiroli News: गड़चिरोली के 25 गांवों ने सामूहिक रूप से शराबबंदी का संकल्प लिया। पेसा कानून के तहत मादक पदार्थों पर रोक और महुआ से पौष्टिक खाद्य पदार्थ बनाने पर जोर दिया गया।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gadchiroli Villages Liquor Ban: गड़चिरोली जिले की एटापल्ली तहसील अंतर्गत आने वाले तथा अतिदुर्गम क्षेत्र में बसे कुरुमवाड़ा गांव में जारावंडी इलाका समिति की बैठक शिशु नरोटे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में गांव में शराब बिक्री बंद कर शराबमुक्त गांव करने के लिए गांव-गांव में मादक पदार्थ नियंत्रण कानून पर अमल करने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में परिसर के 25 गांवों के गांव पाटिल, भुमया और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
बैठक में पेसा कानून पर अमल करने के साथ ही गांव में घरेलू शराब के उपयोग पर बंदी लाने, आदिवासियों का स्वास्थ्य रक्षण के लिए गांव शराबमुक्त करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 25 गांवों में मादक पदार्थ नियंत्रण कानून पर अमल करने के साथ ही नशामुक्त गांव करने के लिए प्रत्येक गांव में प्रस्ताव पारित किया गया।
शराब से घरेलू विवाद बढ़े
बैठक में मुक्तिपथ तहसील संगठक किशोर मलेवार ने कहा कि शराब मनुष्य के शरीर के लिए हानिकारक है। शराब से घरेलू विवाद बढ़ने के साथ ही गांव की शांति भंग होती है। जिससे अपने बच्चों का उज्ज्वल भविष्य निर्माण करने के लिए गांव में शराबबंदी करने समय की आवश्यकता होने की बात कही।
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इसके बाद प्रस्ताव पारित कर 25 गांवों के लोगों ने शराबबंदी का निर्णय लिया। साथ ही मादक पदार्थ नियंत्रण कानून पर अमल करने का निर्णय भी इस समय लिया गया।
महुआ से खाद्य पदार्थ तैयार करने पर जोर दें
बैठक के दौरान उपस्थित नागरिकों से कहा गया कि महुआ से केवल शराब नहीं बल्कि पौष्टिक महुआ लड्डू समेत अन्य खाद्य पदार्थ बनाए जा सकते है। इसके माध्यम से वित्तीय स्थिति सुधारी जा सकती है। जिससे स्थानीय नागरिक महुआ से शराब तैयार करने के बजाय खाद्य पदार्थ तैयार करने पर जोर दें, ऐसा आह्वान किया गया।
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बैठक में आह्वान किया गया कि दुर्गम क्षेत्र में रोजगार की कमी है, ऐसी स्थिति में महुआ फूल से खाद्य पदार्थ बनाने की संकल्पना कारगर साबित हो गयी। जिससे लोग इस दिशा में कदम उठाए।
नागरिकों में जनजागृति करने की आवश्यकता
मादक पदार्थ बिक्री नियंत्रण कानून अनुसार अदिवासी गांवों की घरेलू शराब, खर्रा, सुगंधित तंबाकू, गांजा आदि मादक पदार्थ पर बंदी लगाने का अधिकार पेसा गांव सभा को होने की जानकारी बैठक में दी गई। इस पर अमल करने के लिए नागरिकों में जनजागृति करने की आवश्यकता है।
यदि अभी से ही इस पर अमल करने की शुरुआत की जाएगी तो आने वाले दिनों में नतीजा सकारात्मक दिखाई देगा। जिससे इस निर्णय पर कड़ाई से अमल करने का आह्वान किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
