

Gadchiroli Tasar Silk Project: गड़चिरोली जिले के आदिवासी किसान परिवार को शाश्वत रोजगार तथा उत्पन्नवृद्धि के अवसर उपलब्ध कराने के लिए रेशिम तथा संचालनालय बाएफ (बीएआयएफ) के संयुक्त तत्वावधान में टसर विशेष विकास प्रकल्प चलाया जाने वाला है। मंत्रालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे के उपस्थिति में इस प्रकल्प का सामंजस्य करार पर आज हस्ताक्षर किए गए।
इस समय वस्त्रोद्योग विभाग के प्रधान सचिव अन्शु सिन्हा, रेशिम संचालक विनय मून, उपसचिव डॉ. तुषार पवार, सहायक संचालक हेमंत लाडगावकर, बाएफ के अध्यक्ष डॉ. भारत काकडे, प्रादेशिक संचालक डॉ. रविराज जाधव, सुधीर वागले, मुख्य कार्यक्रम अधिकारी शैलेश भगत तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। महाराष्ट्र में तुती तथा टसर इन 2 तरह के रेशम का उत्पादन लिया जाता है। पूर्व विदर्भ के गड़चिरोली, चंद्रपुर, भंडारा तथा गोंदिया इन जिलों में करीब 44 हजार 500 एकड क्षेत्र पर टसर मातृवृक्ष है, करीब 3 हजार आदिवासी परिवार परंपरागत टसर रेशीम व्यवसाय से शाश्वत आजिविका कर रहे है।
शाश्वत रोजगार निर्मिति की क्षमता गड़चिरोली जिले का विस्तीर्ण जंगल, समृद्ध जैवविविधता तथा टसर कीटकों के खाद्यवृक्ष को उपलब्धता ध्यान में लेते हुए इस परिसर में टसर रेशीम उद्योग के माध्यम से बडे पैमाने पर शाश्वत रोजगार निर्मिति की क्षमता है। अनुसूचित जनजाति, महिला बचत गुट तथा स्थानीय किसानों के कौशल्यवर्धन कर टसर रेशिम विकास में बाएफ संस्था ने इससे पूर्व भी उल्लेखनीय कार्य किया है।
इस प्रकल्प के माध्यम से गड़चिरोली जिले के 2 हजार 270 से अधिक टसर किसान परिवारों को शाश्वत उत्पन्न के अवसर उपलब्ध कराएं जानेवाले है। वहीं अनुसूचित जनजाति तथा महिलाओं का वित्तीय व सामाजिक सक्षमीकरण करने पर विशेष जोर दिया जानेवाला है।
इसके तहत निजि टसर अंडीपुंज निर्मिती केंद्रे निर्माण करना, बीजकोष उत्पादन, व्यावसायिक कोष उत्पादन, कोषोत्तर मूल्यवर्धन श्रृंखला विकसित करना, प्रशिक्षण, तकनिकी मार्गदर्शन तथा क्षमता विकास कार्यक्रम प्रभावी रूप से चलाया जानेवाला है। ऐसी जानकारी इस समय दी गई।
इस टसर रेशिम विकास प्रकल्प के चलते गड़चिरोली जिले के ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्र में रोजगार निर्मिति को गति मिलेगी, वहीं स्थानीय वित्तीय व्यवस्था अधिक मजबूत होने में मदद मिलने वाली है। वहीं 'आत्मनिर्भर आदिवासी विकास' इस संकल्पना को गति मिलने वाली है। ऐसा विश्वास व्यक्त किया गया।