'मराठी में ही लगाना नेमप्लेट, वरना...', गड़चिरोली में जारी हुआ फरमान, दुकानदारों में मचा हड़कंप

Gadchiroli News: गड़चिरोली नगर परिषद ने दुकानों पर मराठी नेमप्लेट अनिवार्य की है। प्रशासन ने 30 सितंबर तक नेमप्लेट कहा है। वहीं नहीं लगाने वालों पर 1 अक्टूबर से 2000 जुर्माना लगाने की बात कही।
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गड़चिरोली नगर परिषद (फोटो नवभारत)
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Gadchiroli Marathi Nameplate News: महाराष्ट्र दुकान व आस्थापना अधिनियम अंतर्गत दुकान व आस्थापना के नेमप्लेट मराठी भाषा में लगाना अनिवार्य है। लेकिन गड़चिरोली नगर परिषद क्षेत्र के अनेक दुकानदारों ने अब तक नेमप्लेट मराठी भाषा में नहीं लगाया है। ऐसे दुकान व आस्थापना धारकों ने अधिनियम अनुसार अपनी दुकान व आस्थापना के नेमप्लेट 30 सिंतबर तक मराठी भाषा में लगाना अनिवार्य है। अन्यथा 1 अक्टूबर से संबंधित दुकान व आस्थापना धारकों पर 2 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा, ऐसा अल्टीमेटम नगर परिषद प्रशासन ने दिया है।

उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार और महाराष्ट्र सरकार के उद्योग उर्जा व कामगार विभाग के राजपत्रक अनुसार महाराष्ट्र दुकान व आस्थापना अधिनयम द्वारा प्रादेशिक अधिकार क्षेत्र में नेमप्लेट मराठी भाषा में होने संदर्भ में प्रावधान अनुसार प्रत्येक आस्थापना का नेमप्लेट देवनागरी लिपि में मराठी भाषा में होंगे, ऐसे आस्थापनाओं में मराठी देवनागरी भाषा समेत अन्य भाषा व लिपि में नेमप्लेट हो सकते है।

गड़चिरोली नगर परिषद ने जारी किया नोटिस

लेकिन ऐसे समय मराठी भाषा का अक्षर लेखन नाम फलक पर शुरुआत में लिखना आवश्यक रहेगा। अधिनियम के अनुसार गड़चिरोली नगर परिषद कार्यक्षेत्र के सभी दुकान, आस्थापना, वाणिज्यिक संस्था, हॉटल्स आदि नगर परिषद द्वारा इससे पहले जाहीर आव्हान कर और इस संदर्भ में नोटिस देकर भी अब तक नेमप्लेट मराठी भाषा में नहीं किये जाने के मामला सामने आया है।

इस मामले को गंभीरता से लेकर 30 सितंबर तक जीन आस्थापनाओं के नेमप्लेट मराठी भाषा में नहीं होंगे, ऐसे स्थापना धारकों से 1 अक्टूबर से 2 हजार रुपये जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी, ऐसी बात मुख्याधिकारी सूर्यकांत पिदूरकर ने कही है।

फौजदारी मामला होगा दर्ज

जुर्माना वसूलने की कार्रवाई करने के बाद संबंधित आस्थापना धारकों को नेमप्लेट दुरुस्ती संदर्भ में 5 दिनों की अवधि दी जाएगी। निश्चित अवधि में दुरुस्ती न करने पर संबंधित आस्थापना धारक पर महाराष्ट्र दुकान व आस्थापना अधिनियम अंतर्गत फौजदारी मामला दर्ज किया जाएगा। शहर के सभी दुकान व आस्थापना धारक अपने नेमप्लेट तत्काल मराठी देवनागरी भाष जारी करें, ऐसा आह्वान नगर परिषद द्वारा किया गया है।

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