

Gadchiroli Teacher Recruitment: गड़चिरोली जिला परिषद द्वारा 5 अगस्त को जारी पत्र के अनुसार सेवानिवृत्त शिक्षकों को ठेका शिक्षक के रूप में नियुक्ति देने के लिए 10 अगस्त को काउंसलिंग में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जिले में बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित तथा पात्र बेरोजगार युवा शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में सेवानिवृत्त शिक्षकों को दोबारा ठेका पद्धति से नियुक्त करना बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है, ऐसी बात राकां के आरमोरी विस सह-अध्यक्ष सुनील नंदनवार ने ने कहीं है।
सेवानिवृत्त शिक्षकों को ठेका शिक्षक के रूप में नियुक्त न करने की मांग की है। नंदनवार ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सेवा देने के बाद नियमानुसार सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को दोबारा उसी पद पर ठेका स्वरूप में नियुक्त करने के बजाय डी।एड।, बी।एड।, टीईटी, सीटीईटी सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक योग्यता रखने वाले हजारों युवाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ये युवा लंबे समय से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार से अपेक्षा है कि वह नई पीढ़ी के पात्र उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए।
ऐसे समय में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लेने का निर्णय बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि गड़चिरोली जैसे आदिवासी तथा दुर्गम जिले में स्थानीय उच्चशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है। अनेक युवाओं ने शिक्षक बनने के लिए आवश्यक शिक्षा तथा प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और वे वर्षों से सरकारी शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सेवानिवृत्त शिक्षकों को ठेका पद्धति पर नियुक्ति देने से नए पात्र उम्मीदवारों के रोजगार के अवसर सीमित नहीं होंगे क्या?, यह सवाल भी नंदनवार ने उठाया।
स्थायी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया तेज करें नंदनवार ने कहा कि यदि शिक्षकों की कमी है तो सरकार को स्थायी शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया तेज करनी चाहिए। जब तक स्थायी भर्ती पूरी नहीं होती, तब तक उपलब्ध पात्र बेरोजगार उम्मीदवारों को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से संविदा अथवा अस्थायी आधार पर नियुक्त करने का विकल्प अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का अनुभव निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन रोजगार की उम्र में मौजूद पात्र युवाओं को अवसर से वंचित कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा नियुक्त करना सामाजिक न्याय की दृष्टि से उचित नहीं है।
सुनील नंदनवार ने मांग की कि गडचिरोली जिला परिषद 5 अगस्त 2026 को जारी पत्र का पुनर्विचार करे, सेवानिवृत्त शिक्षकों की संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया तत्काल रोके तथा जिले के पात्र, उच्चशिक्षित तथा बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता देकर शिक्षक पदों की रिक्तियां भरने के लिए तत्काल कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। सेवानिवृत्ति के बाद उसी पद पर दोबारा नियुक्ति देना बेरोजगारों के अवसरों पर आघात है। इसलिए इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार किया जाना चाहिए।