गड़चिरोली में कृषि संजीवनी 2.0 शुरू, 453 गांवों में डिजिटल कृषिशाला से किसानों को आधुनिक सलाह
गड़चिरोली के 453 गांवों में डिजिटल कृषिशाला का आयोजन, किसानों को मौसम अनुकूल तकनीक का मार्गदर्शन।
Gadchiroli Agriculture News: गड़चिरोली बदलते मौसम के मद्देनजर किसानों को सक्षम करने के उद्देश्य से नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी प्रकल्प चरण 2.0 अंतर्गत जिले का चयन किया गया है।
इस प्रकल्प के माध्यम से किसान तथा भूमिहीन परिवारों को कृषि आधारित आजीविका के साधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं बदलते मौसम के चलते किसानों को मौसम अनुकूल मार्गदर्शन करने के लिए डिजिटल कृषिशाला ली जा रही है। जिले के 453 गांवों में यह उपक्रम चलाया जा रहा है।
बदलते मौसम का खेती पर होने वाला परिणाम कम करने के लिए गांववार नियोजन किया गया है, इसके तहत डिजिटल कृषिशाला उपक्रम अभियान स्वरूप में चलाया जा रहा है। मौसम अनुकूल तकनीक सीआरटी विषयक मार्गदर्शन के लिए नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी प्रकल्प व पानी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन मंच के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा किसानों को शास्त्रोक्त व फसलवार मार्गदर्शन किया गया।
सम्बंधित ख़बरें
जनभागीदारी अभियान का उत्साहपूर्ण आगाज, सरकारी योजनाएं पहुंचीं आदिवासी गांवों के द्वार
छत्रपति संभाजीनगर: नालों पर निर्माण करने वालों की खैर नहीं, लगेगा अतिरिक्त टैक्स; कमिश्नर ने दिए निर्देश
मुंबई-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे: अब 3 घंटे नहीं, सिर्फ 90 मिनट में पूरा होगा सफर, जानें प्रोजेक्ट की विशेषताए
नागपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट संकट, 1 जून से कई उड़ानें होंगी बंद; क्या पश्चिम एशिया का तनाव बना मुख्य कारण?
झूम तथा यूट्यूब के माध्यम से यह मार्गदर्शन सत्र लिया गया। इस डिजिटल कृषिशाला के पहले सत्र में बुआई पूर्व तकनीक पर विशेष जोर दिया गया। इसमें बेड तैयार करना, बेड पर टोकण करना, अंतर फसल पद्धति का अवलंब करना, बिजली उगाई क्षमता की जांच करना तथा बीज प्रक्रिया जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत मार्गदर्शन किया गया।
उक्त डिजिटल कृषिशाला 1 अप्रैल को शाम 7.30 बजे शुरू की गई। जिले के कृषि विभाग के अधिकारी व समूह सहायक के माध्यम से उपक्रम गांव स्तर पर चलाया गया।
