गड़चिरोली में पुल का अभाव, नाले से सफर कर रहे लोग, पुलिया निर्माण करने की मांग

Gadchiroli Problems: गड़चिरोली तहसील के देवापुर ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले कालशी नामक आदिवासी बहुल गांव समीपस्थ पिछले अनेक वर्षों से पुलिया निर्माण करने की मांग की जा रही है।
Gadchiroli Problems: गड़चिरोली तहसील के देवापुर ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले कालशी नामक आदिवासी बहुल गांव समीपस्थ पिछले अनेक वर्षों से पुलिया निर्माण करने की मांग की जा रही है।
पुलिया की मांग (सौजन्य-नवभारत)
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Gadchiroli News: गड़चिरोली तहसील के देवापुर ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले कालशी नामक आदिवासी बहुल गांव के पास पिछले कई सालों से पुलिया निर्माण करने की मांग की जा रही है। लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते अब तक पुलिया का निर्माण नहीं किया गया। जिसका खामियाजा नागरिकों को नाले से सफर करने की नौबत आ पड़ी है।

वहीं इस मामले से नागरिकों में तीव्र रोष व्यक्त किया जा रहा है। वहीं तत्काल नाले पर पुलिया निर्माण करने की मांग क्षेत्र के नागरिकों ने की है। देवापुर ग्राम पंचायत अंतर्गत कालशी, तांडवाही, माकडचुवा, खराटगुला आदि आदिवासी बहुल गांवों का समावेश है। इनमें से कालशी गांव काफी संवेदनशील क्षेत्र में बसा है। गांव में माडिया जाति के लोग जीवनयापन कर रहे है।

गांव से टूट जाता है संपर्क

पावीमुरांडा परिसर के आदिवासी गांवों से रोटी-बेटी का व्यवहार शुरू रखने के लिए कालशीवासियों को मुतनुर, पुसेर, ढेकणी मार्ग होते हुए पावीमुरांडा में जाना पड़ता है। लेकिन कालशी गांव से कुछ ही दूरी पर स्थित नाला होकर इस नाले पर पुलिया निर्माण नहीं किया गया है। वहीं बारिश के दिनों में इस नाले पर पानी जमा रहने इस गांव का संपर्क टूट जाता है।

जिसके कारण ग्रामीणों को बारिश के दिनों में नाव की सहायता से जानलेवा सफर करना पड़ता है। इस नाले पर पुलिया का निर्माण करने संदर्भ में ग्राम पंचायत प्रशासन समेत ग्रामीणों द्वारा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अनेक बार ज्ञापन सौंपे गये है। बावजूद इसके इस मांग की ओर अनदेखी की जा रही है।

इधर पुलिया के अभाव में ग्रामीणों को जानलेवा सफर करने की नौबत आ पड़ी है। जिससे ग्रामीणों में तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है। वहीं कालसी समेत परिसर के गांवों के नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए तत्काल पुलिया का निर्माण करने की मांग परिसर के नागरिकों ने की है।

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