Gadchiroli News: गड़चिरोली में धान की बुआई अंतिम चरण में, किसानों की नजर अब मानसून पर

Gadchiroli Agriculture: गड़चिरोली जिले में खरीफ सीजन के तहत 23 जुलाई तक 82,662।11 हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई पूरी हो चुकी है। धान की खेती सबसे अधिक क्षेत्र में की गई है।
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खरीफ बुआई- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gadchiroli Kharif Sowing: गड़चिरोली जिले में इस वर्ष खरीफ सीजन की बुआई ने रफ्तार पकड़ ली है। 23 जुलाई तक जिले में कुल 82,662.11 हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई पूरी हो चुकी है। इसमें धान की फसल का सबसे अधिक हिस्सा है और जिले की अधिकांश तहसीलों में बुआई अंतिम चरण में पहुंच गई है। शुरुआती संतोषजनक बारिश के कारण किसानों ने तेजी से बुआई पूरी की, लेकिन अब फसलों के अंकुरण और बेहतर विकास के लिए लगातार बारिश होना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

कृषि विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में धान के अलावा अरहर, मक्का, सोयाबीन, तिल तथा अन्य दलहनी फसलों की भी बड़े पैमाने पर बुआई की गई है। गड़चिरोली मुख्य रूप से धान उत्पादक जिला होने के कारण इस वर्ष भी किसानों ने सबसे अधिक प्राथमिकता धान की खेती को दी है।

संतुलित उर्वरकों का करें उपयोग

जिले के अधिकांश किसानों की आजीविका धान की फसल पर निर्भर है। इसलिए उनकी नजर अब मानसून की निरंतरता पर टिकी हुई है। शुरुआती दौर में कुछ क्षेत्रों में बारिश की कमी जरूर रही, लेकिन बाद में हुई अच्छी वर्षा से बुआई कार्य में तेजी आई। वर्तमान में फसलों का अंकुरण संतोषजनक है, तथा खेतों में खरपतवार नियंत्रण, उर्वरक प्रबंधन और कीट नियंत्रण का कार्य शुरू हो चुका है।

तहसीलवार बुआई के चामोर्शी सबसे आगेः

तहसीलवार बुआई में चामोर्शी तहसील के सबसे आगे है। जहां 29,268.50 हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई की गई है। इसके बाद आरमोरी (13,372.75 हेक्टेयर), गड़चिरोली (12,240.00 हेक्टेयर), धानोरा (7,342.28 हेक्टेयर), कोरची (4,234.54 हेक्टेयर), वडसा (4,233।60 हेक्टेयर), कुरखेड़ा (3,290.95 हेक्टेयर), एटापल्ली (3,024.28 हेक्टेयर), सिरोंचा (2,679.20 हेक्टेयर), मुलचेरा (1,789.80 हेक्टेयर), अहेरी (631.71 हेक्टेयर) तथा भामरागढ़ (554.50 हेक्टेयर) शामिल हैं। इस बीच मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में जिले में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। यदि वर्षा का यह क्रम जारी रहता है तो खरीफ फसलों की वृद्धि को काफी लाभमिलेगा। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश में लंबा अंतराल आया तो धान सहित अन्य फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है।

संतुलित उर्वरकों का करें उपयोग

गढ़चिरोली कृषि अधीक्षक प्रीति हिरलकर ने कहा कि कृषि विभाग ने किसानों से नियमित रूप से फसलों का निरीक्षण करने, समय पर खरपतवार नियंत्रण करने तथा आवश्यकता अनुसार संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि, अत्यधिक वर्षा अथवा लंबे समय तक बारिश नहीं होने की स्थिति में फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

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