गड़चिरोली में 6 लोह अयस्क खदानों की मांग, भारत को स्टील निर्यातक बनाने का लक्ष्य

Gadchiroli Iron Ore Mines Demand: मुख्यमंत्री फडणवीस ने गडचिरोली की 6 लौह अयस्क खदानें राज्य को देने की मांग की। लक्ष्य महाराष्ट्र को ग्रीन स्टील हब बनाकर भारत को बड़ा स्टील निर्यातक बनाना है।
Gadchiroli Iron Ore Mines Demand To CM Fadnavis Pushes Plan Make India Steel Exporter
CM देवेंद्र फडणवीस मीटिंग के द्वौरान (सोर्सः फाइल फोटो)
Published on
Updated on

Gadchiroli Iron Ore Mines Demand To CM Fadnavis: महाराष्ट्र को देश का 'ग्रीन स्टील हब' बनाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्र सरकार से गड़चिरोली की छह लोह अयस्क (आयरन ओर) खदानें राज्य खनिज महामंडल को सौंपने की मांग की है। मुंबई में केंद्रीय मंत्री जी। किशन रेड्डी के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने यह बात प्रमुखता से रखी।

गडचिरोली बनेगा स्टील उत्पादन का नया केंद्र

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यदि संबंधित लौह अयस्क खदानें राज्य सरकार को हस्तांतरित होती हैं, तो उन्हें अगले दो वर्षों के भीतर संचालन में लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इन खदानों से उत्पादन शुरू कर भारत को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख स्टील निर्यातक देश बनाने में योगदान देना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, गड़चिरोली का लौह अयस्क देश में उपलब्ध सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले खनिजों में शामिल है। इसके अलावा इस क्षेत्र में स्टील उद्योग के विकास के लिए आवश्यक जल संसाधन, भूमि और अन्य बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इससे गड़चिरोली में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

भारी निवेश और रोजगार के अवसर

गड़चिरोली में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।  फडणवीस सरकार के अनुसार, इस परियोजना के माध्यम से लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही हजारों नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

अधिकारियों का मानना है कि नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने के बाद गडचिरोली में उद्योगों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। स्टील उद्योग के विकास को गति देने के लिए टाटा और JSW जैसी अग्रणी कंपनियां पहले ही राज्य सरकार के साथ समझौता कर चुकी हैं।

चीन से भी कम लागत में स्टील उत्पादन

महाराष्ट्र में तैयार होने वाले इस विशेष औद्योगिक सिस्टम के कारण चीन से भी कम लागत में स्टील का निर्माण संभव हो सकेगा। इसके साथ ही तैयार माल को जलमार्ग तक तेजी से पहुंचाने के लिए गड़चिरोली को रेलवे लाइनों के जरिए JNPT और वाढवण बंदरगाहों से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इन सभी प्रयासों से महाराष्ट्र जल्द ही देश का सबसे बड़ा ग्रीन स्टील उत्पादक केंद्र बनकर उभरेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com