रेत घाट बंद होने के बावजूद खनन जारी, गड़चिरोली में उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग तेज
Gadchiroli Sand Mafia: गड़चिरोली में रेत घाट बंद होने के बाद भी अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन जारी रहने का आरोप लगा है। शिवसेना (उबाठा) ने प्रशासन पर मिलीभगत का दावा किया है।
- Written By: केतकी मोडक
पवन गेडाम पत्र परिषद में (सोर्स- फोटो नवभारत)
Gadchiroli Illegai Sand Mining: गडचिरोली जिले में प्रशासनिक आदेश के तहत 9 जून 2026 से सभी रेत घाट आधिकारिक रूप से बंद कर दिए गए हैं। इसके बावजूद जिले में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन, भंडारण और परिवहन धड़ल्ले से जारी होने का आरोप लगाया गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के जिलाध्यक्ष पवन गेडाम ने पत्र परिषद (प्रेस कॉन्फ्रेंस) में प्रशासन और रेत माफिया की कथित मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया।
अवैध रेत उत्खनन पर गंभीर आरोप
पवन गेडाम ने कहा कि जिले में अवैध रेत खनन के कारण पिछले दो से ढाई महीनों में दो निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोंढाला स्थित सिनराई रेत घाट पर नियमों के विरुद्ध भारी लोडर मशीनों से खनन किया जा रहा था, जिसके दौरान एक मजदूर की जान चली गई। उनका दावा है कि घाट संचालक इस घटना को आर्थिक मुआवजे के जरिए दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
साथ ही उन्होंने गडचिरोली पुलिस और राजस्व विभाग की संदिग्ध भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पोस्टमार्टम प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि अवैध रेत खनन के मामलों में केवल पटवारी या मंडल अधिकारियों को निलंबित कर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है, जबकि बड़े स्तर पर चल रहे अवैध कारोबार के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सम्बंधित ख़बरें
मटन के साथ खाया दही, बुजुर्ग महिला की मौत और पति आईसीयू में भर्ती, नासिक के आखतवाडे गांव में मचा हड़कंप
पहले बनाई सीमेंट रोड, अब नाली के लिए तोड़ेंगे; कलमना मंडी में योजनाहीन विकास से सरकारी धन की बर्बादी!
वर्धा खाद्य-पेय विक्रेता संघ की नई कार्यकारिणी का गठन, व्यापारियों की समस्याओं के समाधान का भरोसा
सिंहस्थ कुंभ 2027 की तैयारी तेज, नासिक पुलिस बल को मिले 3 नए एसीपी, अनुभवी अधिकारियों को सेवा
रेत से लदे वाहनों का आवागमन
पवन गेडाम ने आरोप लगाया कि ओवरलोड ट्रैक्टर और भारी वाहन खुलेआम शहरों से गुजर रहे हैं, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन से न केवल सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि नदी तंत्र का प्राकृतिक संतुलन भी बिगड़ रहा है। भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और जैव विविधता पर गंभीर असर पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें:- यवतमाल में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, फुलसावंगी में 95.50 मिमी बारिश; 25 सर्किलों में जोरदार बरसात
उन्होंने यह भी कहा कि ओवरलोड रेत परिवहन के कारण गडचिरोली जिले की सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है, जिससे उनकी मरम्मत पर करोड़ों रुपये का सरकारी धन खर्च करना पड़ रहा है और अंततः इसका पूरा बोझ करदाताओं पर पड़ रहा है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अवैध रेत कारोबार की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पवन गेडाम ने चेतावनी दी कि यदि अगले एक सप्ताह के भीतर जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन पूरी तरह बंद नहीं किया गया, तो शिवसेना अपनी जनशक्ति के बल पर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष उग्र आंदोलन करेगी।
