

Gadchiroli Illegal Liquor Trade: अनुसूचित क्षेत्र की ग्रामसभाओं को संविधान, पेसा अधिनियम 1996 तथा स्थानीय परंपराओं एवं स्वशासन के सिद्धांतों के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए धानोरा तहसील के झाड़ापापड़ा पारंपरिक इलाका महाग्रामसभा के अंतर्गत आने वाले गांवों ने शराब एवं अन्य मादक पदार्थों की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन से सहयोग की मांग करते हुए पेंढरी उप-पुलिस थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया।
झाड़ापापड़ा ग्रामसभा की ओर से आयोजित बैठक में देशी-विदेशी शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री से उत्पन्न हो रही सामाजिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामसभा द्वारा तय नियमों का उल्लंघन कर यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब की बिक्री, परिवहन अथवा सार्वजनिक शांति भंग करने वाली गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
यह मांग झाड़ापापड़ा पारंपरिक इलाका महाग्रामसभा के अंतर्गत आने वाली झाड़ापापड़ा, सोमलपुर, ढोरगट्टा, पेंढरी, रोपीनगट्टा, पयडी, बोदिन, कोंडेखल, खरगी, कनेली, पावरवेल, पदाबोरगा, हाडापेट, हातझर, रेचा, फुलखल, सावंगी खुर्द, अल्काणार, मोरचूल, बोटेहूर, चिमरीकल, दुर्गापुर, मोहगांव, मासानंदी तथा सावंगा बुदुर्ग सहित कुल 25 ग्रामसभाओं की ओर से की गई है। ज्ञापन सौंपते समय झाड़ापापड़ा इलाका समिति के अध्यक्ष मैनू दुर्वे, उपाध्यक्ष धनेश पवार, सचिव बाजीराव पोटावी, सलाहकार समिति के अध्यक्ष देवसाय आतला, उपाध्यक्ष वसंत पोटावी, सदस्य बारसाय दुगा, अशोक उसेंडी तथा सहसचिव माणिक हिचामी सहित अन्य पदाधिकारी और ग्रामवासी उपस्थित थे।
ग्रामीणों ने कहा कि शराब और मादक पदार्थों की बढ़ती बिक्री से गांवों की शांति, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से शराबबंदी का प्रस्ताव पारित किया और उसके लिए सख्त नियम एवं शर्तें निर्धारित कीं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से ग्रामसभा के निर्णय का सम्मान करते हुए शराबबंदी के प्रस्ताव को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा क्षेत्र में अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।