Gadchiroli Government Polytechnic News: इंजीनियरिंग डिप्लोमा विद्यार्थियों की रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक के कम्प्यूटर इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 24 मार्च को ‘टेक्नो एक्सट्रीम 2026’ प्रोजेक्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल और कम्प्यूटर इंजीनियरिंग से जुड़े विभिन्न नवाचार मॉडल प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के प्राचार्य विशाल नितनवरे के हाथों हुआ। इस अवसर पर प्रा. डॉ. मनीष देशपांडे, गोंडवाना विश्वविद्यालय तथा एनआईसी के इंजीनियर प्रांजल फुलझले प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देना था। वक्ताओं ने कहा कि इंजीनियर समाज की आवश्यकताओं को समझकर समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करते हैं, जिससे जीवन अधिक सुगम बनता है। ऐसे आयोजन छात्रों को अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्रतियोगिता में कम्प्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के ‘हाइड्रो हीरोए लाइफ सेविंग इनोवेशन’ प्रोजेक्ट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस प्रोजेक्ट में तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं आस्था नन्नेवार, स्वानंद पुस्देकर, आदित्य जोरगेलवार, पूनम बागमारे, वैष्णवी चंदनखेड़े और तेजश्री गौरकर ने सहभाग लिया।
यह प्रोजेक्ट जल दुर्घटनाओं और डूबने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराकर जान-माल के नुकसान को रोकना है। इसमें ऑटोमैटिक डूबने की पहचान, रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम तथा रेस्क्यू सपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
परियोजना को कम्प्यूटर विभाग के व्याख्याता डॉ. एम. वी. लांडे, प्रा. सरिता बनसोड, प्रा. अमोल गायकवाड़, प्रा. प्रियंका मल्लेलवार तथा विभागाध्यक्ष प्रा. जे. एम. मेश्राम के मार्गदर्शन में विकसित किया गया।