Gadchiroli News: खाद बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शकता लाने के लिए तथा काला बाजारी, संग्रहण तथा गलत प्रकार रोकने के लिए कृषि विभाग ने महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया है, अब आधार लिंक किए बगैर खाद की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए गए है।
इस निर्णय के पिछे प्रमुख उद्देश्य यानी खाद का उचित उपयोग सुनिश्चित करना, बर्बादी टालना तथा किसानों को उचित मात्रा व उचित दाम में खाद उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी खाद विक्रेताओं को पॉइंट ऑफ सेल ePOS मशीन का उपयोग कर खाद बिक्री करना अनिवार्य किया गया है।
संबंधित मशीन द्वारा किसानों की पहचान निश्चित कर व्यवहार दर्ज करना आवश्यक रहने वाला है। कुछ जगह विक्रेताओं द्वारा किसानों का अंगूठा लेकर अधिक बोरे का पंजीयन कर प्रत्यक्ष में कम खाद देने की बात निर्देशन में आयी है। खासकर यूरिया खाद के संदर्भ में इस तरह की शिकायत बढ़ने से इस निर्णय से ऐसे गलत मामलों पर रोक लगने की बात कृषि विभाग ने स्पष्ट की है।
इस बीच जिस विक्रेता ने नए ईपॉस प्रणाली में पंजीयन नहीं किया या नियमों का उल्लंघन करने पर, उस पर कृषि विभाग द्वारा कड़ी जुर्माने की कार्रवाई की जाने वाली है। ऐसी बात जिला परिषद के कृषि विकास अधिकारी किरण खोमणे ने सूचित की है।
इस दौरान कृषि विभाग ने खाद विक्रेताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। इसके तहत किसी भी स्थिति में आधार लिंक करने के बाद ही खाद की बिक्री करनी पड़ेगी। वहीं ईपॉस मशीन पर ग्राहक के नाम, बिक्री के किए गए बोरे की संख्या तथा दिए गए बिल में सुसंगति होना आवश्यक है।
विक्रेता के गोदाम का संग्रहण तथा ईपॉस प्रणाली पर का संग्रहण इसमें मेल होना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही खाद की बिक्री सरकार द्वारा निर्धारित की गई कीमतों में ही करें, ऐसे निर्देश दिए गए है।