एटापल्ली में गहराया जलसंकट: पानी टंकी बने शोपीस, RO प्लांट भी बंद, भटक रहे ग्रामीण
Gadchiroli News: गड़चिरोली के एटापल्ली में शुद्ध पेयजल योजनाएं फेल हो रही है। आरओ प्लांट बंद पड़े और टंकियों से पानी सप्लाई ठप हो गई है। लोगों को बरसात में पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
- Written By: आकाश मसने
पीने के पानी भरने लगी लंबी कतार (फोटो नवभारत)
Water Crisis In Gadchiroli Etapalli: गड़चिरोली जिले के ग्रामीण क्षेत्र के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है। लेकिन स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के चलते इन योजनाओं का प्रत्यक्ष रूप में लाभ आम नागरिकों तक पहुंचते दिखाई नहीं दे रहा है।
ऐसा ही एक मामला जिले की एटापल्ली तहसील मुख्यालय में सामने आया है। नगर पंचायत प्रशासन ने शहरवासियों के लिए शुद्ध पीने के पानी के लिए दो पानी की टंकियों का निर्माण किया।
शहर में विभिन्न जगहों पर आरओ प्लांट भी शुरू किये है। लेकिन वर्तमान में सभी आरओ प्लांट बंद होकर पानी के टंकियों से शुध्द पानी मिलना बंद हो गया है। जिसका खामियाजा शहर के नागरिकों को बारिश के दिनों में पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
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नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
10 वर्ष पहले एटापल्ली ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा मिला। नगर पंचायत कार्यालय के लिए प्रशासकीय इमारत निर्माण कर विकास कार्यों की शुरुआत की गई। ग्रापं को नगर पंचायत का दर्जा मिलने से समस्या हल होगी, ऐसी उम्मीद लोगों द्वारा जताई जा रही थी। लेकिन शुरुआत से ही नगर पंचायत के कार्य के चलते शहरवासियों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर निधि उपलब्ध होने के बाद भी इस निधि का विकास की दृष्टि से आवश्यकता अनुसार उपयोग नहीं होने से शहर का विकास रुक गया है। नगर पंचायत प्रशासन ने शहर में जलापूर्ति करने के लिए 2 विशाल पानी टंकियों का निर्माण किया है। लेकिन पिछले अनेक हिस्सों में पानी नहीं पहुंच पाया है। ऐसा होते हुए भी प्रशासन द्वारा नागरिकों से पानी का टैक्स वसूला जा रहा है। जिससे शहर के नागरिकों में नाराजगी व्याप्त है।
एटापल्ली शहर समीपस्थ नदी, नालों द्वारा निर्माण किये गये दोनों टंकियों में पानी उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन यह पानी शुध्द नहीं होने के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरित परिणाम हो रहा है।
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मूसलाधार बारिश के चलते जलसंकट की स्थिति निर्माण नहीं होनी चाहिये थी, लेकिन नगर पंचायत द्वारा किसी तरह की उपाययोजना नहीं किए जाने के कारण बारिश के दिनों में शहरवासियों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
शिकायत की प्रशासन कर रहा अनदेखी
शहर के जलापूर्ति योजना से नल से आने वाला पानी अशुध्द होते हुए भी शहर में जगह-जगह पर तैयार किये गये आरओ प्लांट पिछले अनेक माह से बंद है। जिसका खामियाजा नागरिकों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
आरओ प्लांट शुरू करने संदर्भ में शहरवासियों द्वारा अनेक बार नगर पंचायत प्रशासन को ज्ञापन और शिकायत कर ध्यानाकर्षण कराया गया। लेकिन प्रशासन द्वारा उचित उपाययोजना नहीं किए जाने के कारण शहरवासियों को नल योजना के अशुध्द पानी से ही अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य सबंधी समस्या निर्माण हो गयी है। इस मामले से नपं की कार्यप्रणाली को लेकर शहरवासियों में नाराजगी है।
पानी के लिए देने पड़ रहे पैसे
2 वर्ष पहले नगर पंचायत प्रशासन ने शहरवासियों को शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए शहर के विभिन्न जगहों पर प्रीपेड आरओ प्लांट शुरू किया था। लेकिन देखभाल के अभाव और निरंतर अनदेखी के कारण उक्त आरओ प्लांट वर्तमान स्थिति में बंद अवस्था में है। विशेषत: नप कार्यालय के सामने हा प्लांट भी बंद है। जिसका खामियाजा नागरिकों को पैसे देकर पानी खरीदना पड़ रहा है।
