कहीं होगा दहन तो कहीं पूजे जाएंगे दशानन, दशहरा पर आदिवासी बहुल इलाके में देखेगी अनोखी परंपरा
Gadchiroli News: गड़चिरोली में 2 अक्टूबर को दशहरे की तैयारियां अंतिम चरण में। जहां हिंदू समुदाय रावण दहन करेगा, वहीं आदिवासी बहुल क्षेत्र में रावण की पूजा कर परंपरा निभाई जाएगी।
- Written By: आकाश मसने
रावण दहन के लिए बनाए गए पुतले (फोटो नवभारत)
Dussehra Ravan Dahan News: रामायण के खलनायक कहे जाने वाले लंकापति रावण का दशहरे के दिन भगवान श्रीराम ने वध किया था। जिसके उपलक्ष्य में समुचे भारतवर्ष में दशहरा उत्सव मनाया जाता है और हर साल लंकापति रावण का दहन किया जाता है। आज पूरे भारत में दशहरा मनाया जाएगा।
महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले में भी दहशरा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। जिले में दशहरे के मौके पर हिंदू समुदाय द्वारा जहां लंकापति रावण का दहन किया जाता है, वहीं आदिवासी समुदाय द्वारा लंकापति रावण को भगवान मानकर इस दिन रावण की पूजा की जाती है।
दशहरा के लिए गड़चिरोली जिले में एक ओर हिंदू समुदाय द्वारा लंकापति रावण के दहन की तैयारियां की जा रही है। वहीं आदिवासी बहुल क्षेत्र में दशानन के पूजन की तैयारियां चल रही है।
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गड़चिरोली में निकलेगी शोभायात्रा
गड़चिरोली जिला मुख्यालय में रावण दहन का कार्यक्रम बड़े उत्साह से मनाया जाता है। शहर के मंदिरों से शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम व लक्ष्मण तथा हनुमान की वेशभूषा में हनुमान सहित वानर सेना आकर्षण का केंद्र बिंदू रहते है।
शहर से भ्रमण करते हुए शोभायात्रा रावण दहन स्थल पर पहुंचेगी। जहां पूजन के पश्चात रावण का दहन किया जाएगा। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होते है। इसी के साथ रावण दहन स्थल पर भी रावण दहन देखने के लिए भारी मात्रा में लोगो की भीड़ जुटती है। जिसके तहत दशहरे के मद्देनजर पुलिस द्वारा कड़ा बंदोबस्त रखा जाने वाला
न्यायापित राजा थे लंकापति
एक तरफ विजयादशमी में चहुओर रावण के पुतले का दहन किया जाता है। वहीं दूसरी ओर जिले की धानोरा तहसील के परसवाड़ी गांव में विजयादशमी पर दशानंद रावण की पूजा की जाती है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि लंकापति रावण एक न्यायप्रिय राजा थे। वह नारी सम्मान करने साथ ही प्रत्येक नागरिकों को उचित न्याय देने का काम करते है।
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लंकापति रावण ने आदिवासी समुदाय के अनेक कार्य करने की बात कही जाती है। जिससे पिछले अनेक वर्षों से परसवाड़ी गांव में रावण की पूजा-अर्चना की जाती है। विजयादशमी के दिन रावण पूजा करने के साथ ही यहां पर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। इसी के साथ ही आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रावण पूजन व रैली का आयोजन किया गया है।
राम मंदिर से निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा
इधर गड़चिरोली जिला मुख्यालय में रावण दहन दशहरा उत्सव समिति द्वारा रावण दहन कार्यक्रम का नियोजन किया गया है। गुरुवार को शाम 4 बजे के दौरान रामपुरी वार्ड स्थित राम मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी। उक्त शोभायात्रा मुख्य इंदिरा गांधी चौक से नगर परिषद होते हुए धानोरा मार्ग पर स्थित शिवाजी महाविद्यालय के प्रांगण में पहुंचेगी।
वहां पर रावण के प्रतिकात्मक पुतले का दहन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में नागरिकों से उपस्थित रहने की अपील की गई है। इसके इसके अलावा जिले के विभिन्न शहर तथा गांव में रावन दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
