Illegal Sand Mining: राजोली रेत घाट पर अवैध उत्खनन के आरोप, प्रशासन ने गठित की जांच टीम
Illegal Sand Mining In Gadchiroli: धानोरा के राजोली रेत घाट पर नियमों की अनदेखी कर अवैध और अत्यधिक गहराई तक रेत उत्खनन किए जाने की शिकायत पर तहसीलदार ने संयुक्त जांच और मापन के निर्देश दिए हैं।
- Written By: केतकी मोडक
राजोली रेत घाट (सोर्स - नवभारत)
Allegations of Illegal Sand Mining at Rajoli Sand Ghat In Gadchiroli: गड़चिरोली उपविभाग के धानोरा तहसील अंतर्गत राजोली रेत घाट पर नियमों के विपरीत रेत उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार ने संबंधित स्थल का मापन कराने के निर्देश जारी किए हैं, जानकारी के अनुसार, सरकार द्वारा निर्धारित बोली राशि एवं अन्य देयकों का भुगतान करने के पश्चात प्रशांत कंस्ट्रक्शन कंपनी, नागपुर को राजोली स्थित सर्वे नंबर 170, 171, 172, 173/1, 173/2 एवं 174 से कुल 18,100 ब्रास रेत के उत्खनन एवं परिवहन की अनुमति 9 जून 2026 तक तथा बिक्री की अनुमति 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित शर्तों के साथ प्रदान की गई है।
हालांकि आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सरकार के नियमों की अनदेखी करते हुए राजोली रेत घाट पर अवैध और अनियमित तरीके से रेत निकाली जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, 27 मई की सुबह लगभग 6:15 बजे घाट का निरीक्षण किए जाने पर कई अनियमितताएं सामने आईं। बताया गया कि, उत्खनन स्थल से लेकर रेत भंडारण एवं परिवहन तक आवश्यक अनुमति दस्तावेज अधिकांश वाहनों के पास उपलब्ध नहीं थे। केवल दो ट्रैक्टरों के पास ही वैध अनुमति होने की बात सामने आई।
तहसीलदार ने दिए जांच के निर्देश
इस संबंध में प्रतिनिधियों द्वारा धानोरा तहसील के तहसीलदार गणेश माली से मुलाकात कर शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायत का संज्ञान लेते हुए तहसीलदार ने संबंधित स्थल का मापन कराने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग, भूमि अभिलेख विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की टीम गठित कर जांच और मापी के निर्देश दिए हैं। अब स्थानीय नागरिकों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है। यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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नियमों की अनदेखी के आरोप
- नियमों के अनुसार रेत उत्खनन की गहराई अधिकतम डेढ़ मीटर तक सीमित होनी चाहिए, जबकि घाट के कई हिस्सों में यह औसतन दो मीटर या उससे अधिक बताई जा रही है।
- इसके अलावा उत्खनन क्षेत्र के स्वरूप को बदलने के लिए आधुनिक मशीनों के उपयोग के भी आरोप लगाए गए है, नियमों के तहत उत्खनन, भंडारण और परिवहन के लिए आवश्यक अनुमति रखना अनिवार्य है।
- साथ ही रेत उत्खनन का समय सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है, लेकिन आरोप है कि, निर्धारित समय से पहले ही ट्रैक्टरों को उत्खनन कार्य में लगाया जा रहा है।
