आशीष जायसवाल ने लिया ‘समृद्ध गढ़चिरोली’ का संकल्प, विकास-शांति-पर्यावरण पर फोकस

Ashish Jaiswal: महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर गढ़चिरोली में सहपालकमंत्री एड। आशीष जायसवाल ने विकास, शांति और पर्यावरण संरक्षण के साथ ‘समृद्ध गढ़चिरोली’ बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
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Ashish Jaiswal (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gadchiroli Development Projects: महाराष्ट्र राज्य के 67 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में जिले के सहपालकमंत्री एड, आशीष जायसवाल ने "समृद्ध गड़चिरोली" निर्माण करने का संकल्प व्यक्त करते हुए विकास, शांतता और पर्यावरण संवर्धन इस त्रिसूत्री लक्ष्य का निर्धारण व्यक्त किया। पुलिस मुख्यालय के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधीश अविश्यांत पंडा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, जिला पुलिस अधीक्षक एम। रमेश समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सहपालकमंत्री ने आगे कहां कि, एक समय विकास दूर रहनेवाला गड़चिरोली जिला आज परिवर्तन के निर्णायक चरण में खड़ा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में माओवाद पर प्रभावी रूप से नियंत्रण पा कर जिले में शांतता का वातावरण निर्माण हो गया है। पिछले वर्ष भर में बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण, गिरफ्तारी और कार्रवाईयों के चलते नक्सलवाद का प्रभाव कम होकर पुलिस सहायता केंद्रों के सथापना के चलते नागरिकों में सुरक्षा की भावना निर्माण हो गयी है। 'पुलिस दादालोरा खिडकी' उपक्रम से लाखों नागरिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया है।

जिले में विकासकार्यों को मिली गति

सहपालकमंत्री एड. जायसवाल ने दावा किया कि, जिले में शांतिपूर्ण वातावरण में विकासकार्यों की गति भी बढ़ गई है। औद्योगिकीकरण के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश से भविष्य में लाखों रोजगार निर्मिति की उम्मीद है। खनिज संपदा पर आधारित उद्योगों से गड़चिरोली 'स्टील सिटी' के रूप में सामने आ रही है। वनसंपदा और पर्यावरण का जतन हरित विकास का मार्ग स्वीकारते हुए जिले को देश में पहले क्रमांक का हरित जिला बनाने का संकल्प लेने की बात उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि पौधारापेण की मुहिम से आगामी कालावधि में 5 करोड पौधे लगाने का लक्ष्य है।

किसानों को सक्षम बनाने पर जोर

खेती व किसान सक्षमीकरण के लिये किसान खेत-पगडंडी, सौर कुंपण, और 'कोया कृषि कुंभ' जैसे उपक्रमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कृषि के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी ज्ञान का प्रसार होने की बात कही। शिक्षा क्षेत्र में डिजीटल क्लास रूम, विज्ञान प्रयोगशाला और ग्रंथालय के माध्यम से छात्रों को सक्षम बनाया जा रहा है। महिला सक्षमीकरण के लिए बचत समूहों को विभिन्न साधन सामग्री उपलब्ध कराकर युवाओं के लिये कौशल्य विकास केंद्र निर्माण किया जा रहा है। वनहक्क पट्टेधारकों को सरकारी योजना का लाभ मिले, इसलिये 'फार्मर आयडी' तैयार करने का आहवान उन्होंने किया। वहीं मनरेगा, प्रधानमंत्री जनमन योजना और वनोपज बिक्री से मिलनेवाली आय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होने की बात भी उन्होंने कही।

सड़क विकास को प्राथमिकता

बुनियादी सुविधाओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि, राष्ट्रीय महामार्ग, सड़क व पुलिया निर्माण के बड़े पैमाने पर कार्य शुरू हुए हैं। गड़चिरोली-आरमोरी फोरलेन समेत अनेक महत्वपूर्ण प्रकल्प की समस्या हल हुई है। खनिज परिवहन से बढ़नेवाले टेशन के मद्देनजर सड़क विकास के लिए बड़े पैमाने पर निधि मंजूर की गई है। जिला वार्षिक योजना अंतर्गत 697 करोड़ रूपये 100 फीसदी खर्च करने में प्रशासन को सफलता मिली है।

अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा

स्वास्थ्य क्षेत्र में जिले में अत्याधुनिक सुविधा उपलब कराकर 3.0 टेस्ला एमआरआई मशीन शुरू कर आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत लाखों नागरिकों को लाभमिल रहा है। ग्रामीण परिसर में जल जीवन मिशन से नल कनेक्शन जोडने का काम बढ़े पैमाने पर किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान और विभिन्न ग्रामीण योजनाओं पर प्रभावी रूप से अमल होने से जीवनस्तर में सुधार होने की बात भी उन्होंने कही।

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