गड़चिरोली में करोड़ों की लागत से बना अत्याधुनिक बैडमिंटन हॉल (फोटो नवभारत)
Gadchiroli Badminton Hall Inauguration Delay: गड़चिरोली स्थित जिला प्रेक्षागृह मैदान परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से अत्याधुनिक बैडमिंटन हॉल का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके बावजूद निर्माण पूरा हुए लगभग एक वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी अब तक इस हॉल का औपचारिक उद्घाटन नहीं किया गया है। इस कारण जिले के बैडमिंटन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा खेल प्रेमियों में खेल विभाग के प्रति तीव्र नाराजगी देखी जा रही है। उद्घाटन न होने से जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी अब तक संभव नहीं हो सका है।
खिलाड़ी, अभिभावक, प्रशिक्षक तथा खेल संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि बैडमिंटन हॉल का शीघ्र उद्घाटन कर उसे खिलाड़ियों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही भविष्य में खेल अधोसंरचना परियोजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता जताई जा रही है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो खिलाड़ियों एवं खेल संगठनों द्वारा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और खेल विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
जानकारी के अनुसार इस बैडमिंटन हॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक कोर्ट, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम, दर्शक दीर्घा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद हॉल लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है। परिणामस्वरूप खिलाड़ियों को आज भी अपर्याप्त और असुरक्षित स्थानों पर अभ्यास करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
गड़चिरोली जिले से अनेक प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं, किंतु समुचित प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव में उनकी खेल प्रगति बाधित हो रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि यह हॉल समय पर शुरू हो जाता, तो उन्हें उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होते।
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हॉल का उद्घाटन न होने के कारण जिला, संभागीय तथा राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं हो पाया है। इससे न केवल खिलाड़ियों को मंच से वंचित होना पड़ा है, बल्कि गड़चिरोली जिले को खेल मानचित्र पर पहचान दिलाने का अवसर भी हाथ से निकल गया है।
करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित हॉल तैयार होने के बावजूद उद्घाटन में हो रही देरी को लेकर खेल विभाग की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि जब निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, तो हॉल को खिलाड़ियों के लिए खोलने में इतनी देरी क्यों की जा रही है। इससे सरकारी धन के सदुपयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं।