स्वास्थ्य विभाग की बड़ी पहल: गड़चिरोली में ‘अरुणोदय’अभियान का शुभारंभ, सिकलसेल मुक्त जिले का लक्ष्य
Sickle Cell Campaign: गड़चिरोली जिले में सिकलसेल बीमारी के उन्मूलन के लिए ‘अरुणोदय’ विशेष मुहिम की शुरुआत की गई। जिला अस्पताल में हुए उद्घाटन में जनसहभाग और व्यापक जांच पर जोर दिया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया AI )
Arunodaya Mission Sickle Cell Anemia: गड़चिरोली जिले में सिकलसेल बीमारी को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने ‘अरुणोदय’ सिकलसेल एनीमिया विशेष मुहिम की प्रभावी शुरुआत की गई है। गुरुवार को जिला अस्पताल में मुहिम का जिलास्तरीय उद्घाटन हुआ।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक डॉ. मिलींद नरोटे के हाथों किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाडे ने की। इस समय प्रमुख अतिथि के रूप में जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, नगराध्यक्ष एड।
प्रणोती निंबोरकर, पार्षद शेखर आखाडे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिदि उपस्थित थे। इस समय विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे ने संबोधित करते हुए कहा कि सिकलसेल यह केवल बीमारी नहीं बल्कि सामाजिक प्रश्न होने की बात कही।
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“जनसहभाग तथा व्यापक जांच व प्रबोधन से सिकलसेल मुक्त गड़चिरोली का ख्वाब साकार होगा” ऐसी बात कहते हुए नागरिक जांच के लिए आगे आने का आह्वान किया।
जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे ने इस मुहिम की व्याप्ति गांव स्तर तक बढ़ाने के निर्देश दिए, दुर्गम व अतिदुर्गम क्षेत्र के प्रत्येक नागरिकों तक स्क्रीनिंग पहुंचाकर समय पर निदान व उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। नगराध्यक्ष एड। प्रणोती निंबोरकर ने जनजागृति की भूमिका बताते हुए सामाजिक स्तर पर व्यापक प्रबोधन की आवश्यकता व्यक्त की।
गंभीर मरीजों में गिरावट
जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाडे ने हाइड्रोक्सी यूरिया उपचार के प्रभावी उपयोग के कारण सिकलसेल के कारण होने वाले गंभीर मरीज में गिरावट होने की बात कही।
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कार्यक्रम में जिला महिला अस्पताल की अधीक्षक डॉ. माधुरी किलनाके, अतिरिक्त जिला शल्यचिकित्सक डॉ. मनीष मेश्राम, निवासी वैद्यकीय अधिकारी डॉ. बागराज धुर्वे, फिजिशियन डॉ. इंद्रजीत नागदेवते, डॉ. प्रशांत पैदाम व डॉ. प्रफुल गोरे आदि प्रमुखखता से उपस्थित थे, कार्यक्रम की प्रस्तावना सिकलसेल नोडल अधिकारी तथा अतिरिका जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित सालवे ने रखी, आभार जिला सिकलसेल समन्वयक रचना फुलझेले ने माना।
