सिकलसेल रोकथाम के लिए नासिक में ‘अरुणोदय’ विशेष जांच अभियान;15 जनवरी से 7 फरवरी तक चलेगी जांच मुहिम

Health Screening: नासिक जिले में सिकलसेल बीमारी की रोकथाम के लिए प्रशासन ने ‘अरुणोदय’ विशेष जांच अभियान शुरू किया है। 15 जनवरी से 7 फरवरी तक मुफ्त जांच व जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
'Arunodaya' special screening campaign for sickle cell prevention launched in Nashik; the screening drive will run from January 15 to February 7.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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Nashik Sickle Cell Campaign: नासिक जिले में सिकलसेल बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने इसके प्रभावी रोकथाम और त्वरित निदान के लिए 'अरुणोदय' नामक विशेष जांच मुहिम शुरू की है। यह अभियान 15 जनवरी से 7 फरवरी तक चलाया जाएगा।

जिला प्रशासन ने संकल्प लिया है कि इस अवधि के दौरान जिले का एक भी नागरिक जांच से वंचित नहीं रहेगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत जनजागरूकता, मुफ्त सॉल्युबिलिटी टेस्ट, एचपीएलसी जांच और विशेषज्ञों द्वारा टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

विवाह से पूर्व जांच है अनिवार्यः सीईओ ओमकार पवार

सिकलसेल एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसे समझना और पहचानना बेहद जरूरी है। सामान्य रक्त कोशिकाएं गोल होती हैं, लेकिन सिकलसेल में ये हंसिए के आकार की और कठोर हो जाती हैं। ये कोशिकाएं रक्त वाहिकाओं में चिपक जाती हैं, जिससे शरीर के अंगों जैसे हड्डियों, फेफड़ों, लिवर और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हीमोग्लोबिन की कमी, हाथ-पैरों में सूजन, जोड़ों में असा दर्द, बार-बार पीलिया होना और जल्दी थकान महसूस होना इसके मुख्य लक्षण है। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने कहा कि सिकलसेल मुक्त महाराष्ट्र की दिशा में अरुणोदय' एक निर्णायक कदम है, वहीं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार ने जोर दिया कि चूंकि यह एक आनुवंशिक रोग है, इसलिए विवाह से पूर्व रक्त की जांच अनिवार्य है। लाल (एसएस) और पीले (एएस) सेल्स धारकों को आपस में विवाह करने से बचना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को इस बीमारी से बचाया जा सके।

बचाव के उपाय और खान-पान

सिकलसेल को सही जीवनशैली से नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टर की सलाह पर फालिक एसिड और सोडामिंट की गोलियां नियमित लें।

दिन भर में कम से कम 10 से 15 गिलास पानी पिए। भोजन में मछली, अंडे, संतरा, हरी पत्तेदार सब्जियां और अंकुरित अनाज को प्राथमिकता दें।

सरकारी योजनाओं का लाभ

सिकलसेल ग्रस्त (एसएस पैटर्न) मरीजों के लिए सरकार ने कई राहतकारी कदम उठाए हैं। संजय गांधी निराधार योजना के तहत मरीजों को वित्तीय मदद दी जाती है। 10वीं और 12वीं की परीक्षा में इन छात्रों को प्रति घंटा 20 मिनट का अतिरिक्त समय मिलता है। मरीजों को एसटी बस यात्रा में विशेष रियायत प्रदान की जाती है।

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