गड़चिरोली के ग्रामीण-आदिवासी छात्रों को कम खर्च में मिलेंगी बेहतर हॉस्टल सुविधाएँ, 500 विद्यार्थियों की जगह
Hostel Project: गड़चिरोली में 56 करोड़ रुपये की लागत से 500 विद्यार्थियों के लिए आधुनिक छात्रावास बनाए जाएंगे। इस परियोजना से ग्रामीण और आदिवासी छात्रों को सुरक्षित आवास और उच्च शिक्षा में मदद मिलेगी।
- Written By: अनन्या तिवारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI)
56 Crore Hostel Project in Gadchiroli: दुर्गम, आदिवासी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा गड़चिरोली शहर में 250-250 विद्यार्थियों की क्षमतावाले छात्र तथा छात्राओं के छात्रावासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
दोनों छात्रावासों के निर्माण के लिए 28-28 करोड़ रुपये, अर्थात कुल 56 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस परियोजना के तहत छात्र तथा छात्राओं के लिए अलग-अलग 5 मंजिला आधुनिक भवन बनाए जाएंगे, जिनमें कुल 500 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी।
कम खर्च में बेहतर सुविधाएं
छात्रावासों में सुसज्जित आवास, भोजन व्यवस्था, अध्ययन कक्ष, स्वच्छता सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। गड़चिरोली जैसे दूरस्थ जिले से बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय आते हैं। लेकिन आवास, भोजन तथा सुरक्षित रहने की सुविधा के अभाव तथा आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है। नए छात्रावास शुरू होने से विद्यार्थियों को कम खर्च में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध होगा, जिससे वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
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वंचित विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा
इस पहल से विशेष रूप से ग्रामीण, आदिवासी तथा वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी सहायता मिलेगी। साथ ही, आवागमन में लगनेवाला समय तथा खर्च कम होगा, शिक्षा बीच मेें छोड़ने की समस्या में कमी आएगी तथा जिले में उच्च शिक्षा का स्तर भी बेहतर होगा। समाज कल्याण विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 वर्षों में दोनों छात्रावासों का निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें विद्यार्थियों के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
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छात्रों की शैक्षणिक उन्नति को मिलेगी गति
सामाजिक न्याय विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सचिन मडावी ने बताया कि गड़चिरोली जैसे दूरस्थ जिले में अनेक विद्यार्थी केवल छात्रावास की सुविधा नहीं होने के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। नए छात्रावास शुरू होने के बाद ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास, भोजन तथा अध्ययन की समुचित सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे उनकी शैक्षणिक प्रगति को नई गति मिलेगी। समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से गड़चिरोली जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का मार्ग अधिक सुगम होगा तथा शिक्षा के माध्यम से उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
