Gadchiroli News: गड़चिरोली में अंतिम संस्कार बना संकट! 150 गांवों में नहीं है श्मशानभूमि
Gadchiroli Funeral Problems: आधुनिक सुविधाओं के बावजूद गड़चिरोली जिले के 150 गांव आज भी श्मशान भूमि के अभाव से जूझ रहे हैं। जगह न होने से अंतिम संस्कार में दिक्कतें हो रही है।
- Written By: आकाश मसने
श्मशान (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gadchiroli Villages Cremation Grounds Problem: तेजी से बदल रहीं आधुनिकता के कारण गांवों में विभिन्न प्रकार की सुविधा पहुंचने लगी है। पक्की सड़क के साथ शुध्द पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य जैसी सुविधा पाने के लिए अब ग्रामीणों को विशेष जद्दोजहद नहीं करनी पड़ती। लेकिन आदिवासी बहुल गड़चिरोली जिले के 150 गांवों के लोगों को आज भी अंतिम संस्कार की विधि के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रहीं है।
इन गांवों में श्मशान भूमि के लिए आवश्यक जगह उपलब्ध नहीं होने से लोगों को बरसों से अंत्यविधि के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई दफां गांवों की सीमा को लेकर विवाद भी निर्माण होने लगे है।
राज्य सरकार द्वारा श्मशानभूमि के विकास के लिए भी योजना आरंभ की गयी है। इस योजना का लाभ पाने के लिए संबंधित गांव के पास श्मशानभूमि के लिए आवश्यक पृथक जगह होना आवश्यक है।
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श्मशानभूमि के लिए जगह नहीं
श्मशानभूमि का सौंदर्यीकरण, दहन-दफन भूमि का निर्माणकार्य, शेड़, सुरक्षा दीवार, सड़क आदि के लिए राज्य सरकार द्वारा संबंधित गांव के ग्राम पंचायत को निधि उपलब्ध करायी जाती है। लेकिन यदि सरकारी दस्तावेजों में गांव के श्मशानभूमि के लिए जगह ही आरक्षित नहीं की गयी हैं, तो इनमें से किसी भी योजना का लाभ संबंधित गांवों को नहीं दिया जाता।
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श्मशानभूमि के जगह से वंचित ग्राम पंचायत को अपने-अपने गांवों में जगह आरक्षित करने के लिए सरकार से पत्र व्यवहार करने की आवश्यकता है। वर्तमान में जिले के 150 गांवों में श्मशानभूमि का अभाव है। इनमें सर्वाधिक 67 गांव सिरोंचा तहसील में है।
इतने गांवों में श्मशान नहीं
| क्रमांक | तहसील | गांवों की संख्या |
|---|---|---|
| 1 | अहेरी | 01 |
| 2 | आरमोरी | 07 |
| 3 | भामरागढ़ | 00 |
| 4 | चामोर्शी | 30 |
| 5 | देसाईगंज | 02 |
| 6 | धानोरा | 23 |
| 7 | एटापल्ली | 00 |
| 8 | गड़चिरोली | 00 |
| 9 | कोरची | 13 |
| 10 | कुरखेड़ा | 00 |
| 11 | मुलचेरा | 07 |
| 12 | सिरोंचा | 67 |
| कुल | — | 150 |
कई बार होता है विवाद
गांव में श्मशानभूमि नहीं होने के कारण इन गांवों के लोगों को शव लेकर कई किमी का सफर करते हुए अन्य गांवों की सीमा में प्रवेश करना पड़ता है। ऐसे में कई बार दो गांवों के लोगों में विवाद भी निर्माण होते हैं। इस तरह की घटनाओं को रोंकने और ग्रामीणों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित गांवों में श्मशानभूमि के निर्माण हेतु आवश्यक जगह उपलब्ध कराने की मांग की जा रहीं है।
