Gadchiroli News: मजदूर संकट से जूझ रहे किसान स्थानीय के साथ बाहरी मजदूर भी मासिक मानधन पर काम के लिए तैयार नहीं 15,000 रुपयों की प्रति माह मांग 1.5 लाख पर पर पहुंचा वार्षिक मुआवजा
जिले में अनेक बड़े किसान खेती कार्य के लिए मासिक मानधन वाले मजदूर का उपयोग करते है. लेकिन वर्तमान में मासिक मानधन पर काम करने को स्थानीय मजदूर तैयार नहीं होने से जिले के किसानों ने बाहर जिलों के लोगों को मजदूर के रूप में लाने का प्रयास शुरू किया है.
लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही है. मासिक मानधन पर काम करने के लिए मजदूर नहीं मिलने के कारण किसानों में चिंता का वातावरण निर्माण होने के साथ ही खेती की राह विकट होते दिखाई दे रही है.
मराठी नववर्ष की शुरुआत से ही खेती सत्र प्रारंभ होता है. परपंरा नुसार गुढ़ी पाड़वा के दिन ही खेती के सूत्र हाथों में लिए जाते है. काफी वर्षों से शुरू इस परपंरा का किसान आज भी जतन कर रहे है.
जिले के अनेक किसान स्थानीय मजदूर मासिक मानधन पर काम करने के लिए तैयार नहीं होने से जिले समेत छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना राज्यों के मजदूरों से संपर्क कर रहे है.
लेकिन कोई भी तैयार होते नहीं दिखाई दे रहे है. स्थानीय मजदूरों की मांग से बाहर जिला अथवा बाहर राज्य के मजदूर कम पैसों में काम करने के लिए तैयार होते है.और यह सभी मजदूर गुढ़ी पाड़वा के पहले ही काम पर पहुंचने के लिए आने वाले थे. लेकिन समय पर मजदूरों ने काम पर आने से इनकार कर दिया.जिससे गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी किसानों को मजदूरों के लिए भटकना पड़ रहा है.