Gadchiroli News: विद्यार्थी बदलती तकनीकी से स्वयं को जोड़कर कौशल विकास पर जोर दें, डिजिटल क्रांति केवल तकनीकी बदलाव नहीं है, वह एक सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया है. ऐसा कथन वाणिज्य शाखा प्रमुख प्रा. डा. निलेश हलामी ने किया.
देसाईगंज के आदर्श कला, वाणिज्य व विज्ञान महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग व वाणिज्य विद्यार्थी अभ्यास मंडल की ओर से भारत की डिजिटल क्रांति तथा व्यवसाय पर प्रभाव विषय पर व्याख्याना का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डा. श्रीराम गहाणे की अध्यक्षता में किया गया था. प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में प्रा. डा. भास्कर लेनगुरे, प्रा. अनिल होली उपस्थित थे.
प्रमुख मार्गदर्शक प्रा. डा. भास्कर लेनगुरे ने अपने संबोधन में भारत की डिजिटल क्रांति का सफर बताया. उन्होंने कहा कि इंटरनेट का बढ़ता उपयोग, स्मार्टफोन की उपलब्धता तथा सरकार की विभिन्न डिजिटल उपक्रमों के कारण देश में कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर मार्गक्रमण शुरू हुआ है.
यूपीआई, ईवॉलेट्स, ऑनलाइन बैंकिंग तथा डिजिटल पेमेंट प्रणाली के कारण व्यवहार अधिक सरल, जल्द तथा पारदर्शक हुआ है. इससे लघु व मध्यम उद्योगों को भी व्यापक बाजारपेठ उपलब्ध हुई है. व्यवसाय के अवसर में वृद्धि हुई है.
डिजिटल लेनदेन करते समय सतर्कता बरतें इस दौरान ईकॉमर्स क्षेत्र में तेजी से होने वाली वृद्धि, डिजिटल मार्केटिंग का महत्त्व तथा स्टार्टअप संस्कृति का उदय संदर्भ में विस्तृत मार्गदर्शन किया गया. डिजिटल प्लेटफॉर्म का उचित उपयोग करने पर विद्यार्थी स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकते है.
विद्यार्थियों को डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा फिनटेक जैसे आधुनिक तकनीक का ज्ञान आत्मसात करने का आह्वान किया गया. वहीं डिजिटल व्यवहार करते समय साइबर सुरक्षा का महत्त्व बताते हुए ऑनलाइन ठगी टालने के लिए आवश्यक सतर्कता बरतने के उपाय भी बताए.
विद्यार्थी डिजिटल व्यवहार करते समय सजग तथा सतर्क रहना आवश्यक होने की बात कही. कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रा. अनिल होली ने रखी. संचालन शाहिस्ता सय्यद ने किया, आभार प्रचित सोनवाणे ने माना.