

Gadchiroli Police Officers: कर्तव्य का निर्वहन करते समय जोखिम उठाकर साहसिक कार्य करने वाले राज्य के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अब 'मुख्यमंत्री शौर्य पदक' से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई।
सम्मान के रूप में पदक के साथ 50 हजार रुपये की नकद राशि और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाएगा। इस निर्णय से माओवादी प्रभावित गड़चिरोली जिले में माओवादी विरोधी अभियानों तथा आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हुए जोखिम उठाकर साहसिक कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों के प्रस्ताव भी इस सम्मान के लिए भेजे जा सकेंगे।
निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुसार पात्र पाए जानेवाले पुलिसकर्मियों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। गड़चिरोली जिले में माओवादी विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस जवानों द्वारा किए जानेवाले साहसिक कार्यों को राज्य स्तर पर सम्मान मिलने से उनके योगदान को पहचान मिलने के साथ ही पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। 'मुख्यमंत्री शौर्य पदक' की घोषणा हर वर्ष महाराष्ट्र दिवस यानी 1 मई की पूर्व संध्या पर की जाएगी।
पुरस्कार के लिए प्राथमिक चयन हेतु राज्य के पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। जिला स्तर से पुलिस अधीक्षक संबंधित परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद सरकारस्तर पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति इन प्रस्तावों पर विचार करेगी। चयन प्रक्रिया के अगले चरण में प्रस्ताव गृह मंत्री तथा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। इसी प्रक्रिया के तहत गड़चिरोली जिले में साहसिक कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रस्ताव भी विचार के लिए भेजे जा सकेंगे।
माओवादी गतिविधियों, आतंकवाद, जातीय दंगों, संगठित अपराध, तस्करी तथा आंतरिक सुरक्षा और बाहरी हमलों से सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते समय पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शित साहस को सम्मानित करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। मंत्रिमंडल ने 'मुख्यमंत्री शौर्य पदक' के लिए चयन प्रक्रिया, विभिन्न समितियों की संरचना तथा पुरस्कार से संबंधित आवश्यक खर्च की व्यवस्था को भी मंजूरी दी है।