

गडचिरोली-शिरपुर ब्रॉडगेज रेल परियोजना के लिए गोंडपिपरी तहसील में प्रक्रिया तेज।
तहसील के 19 गांवों की जमीनों के राजस्व अभिलेख मांगे गए।
दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर कार्यालय ने 14 अक्टूबर को पत्र भेजकर जानकारी मांगी।
सातबारा उतारे, सर्वे क्रमांक, जमीन का क्षेत्रफल और मालिकों का विवरण जुटाया जा रहा है।
भूमि अधिग्रहण, मुआवजे और पुनर्वास को लेकर किसानों में उत्सुकता।
Gadchiroli Shirpur Broad Gauge Rail Project Gondpipri: गडचिरोली-शिरपुर नई ब्रॉडगेज रेल परियोजना के तहत गोंडपिपरी तहसील के 19 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रारंभिक तैयारी शुरू हो गई है। दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर कार्यालय ने जमीनों के सातबारा उतारे और अन्य राजस्व अभिलेख मांगे हैं। इससे क्षेत्र में रेल परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं, वहीं किसान मुआवजे और अधिग्रहण की प्रक्रिया की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
चंद्रपुर, गडचिरोली जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी गडचिरोली-शिरपुर नई ब्रॉडगेज रेल परियोजना की दिशा में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। परियोजना के तहत गोंडपिपरी तहसील के 19 गांवों की जमीनों के अधिग्रहण की प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी गई है। दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर स्थित कार्यालय ने संबंधित जमीनों के राजस्व अभिलेख तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद तहसील प्रशासन ने सातबारा उतारे और अन्य जरूरी दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे परियोजना के अगले चरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर जिले के कार्यकारी अभियंता ने 14 अक्टूबर को संबंधित कार्यालय को पत्र भेजकर भूमि अधिग्रहण के लिए जरूरी जानकारी मांगी थी। इसमें जमीन मालिकों के नाम, सर्वे क्रमांक, क्षेत्रफल, जमीन का प्रकार और अन्य राजस्व विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
रेलवे की ओर से भेजी गई सर्वे क्रमांकों की सूची के आधार पर राजस्व विभाग संबंधित गांवों के दस्तावेज संकलित कर रहा है। सातबारा उतारों के साथ जमीन के मालिकाना हक और अन्य विवरणों का मिलान भी किया जा रहा है, ताकि आगे की प्रक्रिया में प्रशासनिक त्रुटियों से बचा जा सके।
गोंडपिपरी तहसील के सोनापुर देशपांडे, चक दरूर, चेक वेड़गांव, भंगाराम तलोधी, भंगारपेठ, विठ्ठलवाडा, किरमीरी, धामनगांव, येनबोधला, वेडगांव, दरूर, सकमूर, हिवरा, अडेगांव, चक नवेगांव, चक विठ्ठलवाडा, चक नांदगांव, चकबापूर और तारसा खुर्द को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
इन गांवों के संबंधित सर्वे क्रमांकों की सूची तहसील कार्यालय को भेजी गई है। अब जमीनों के सातबारा उतारे और अन्य राजस्व दस्तावेज जुटाकर रेलवे को उपलब्ध कराए जाएंगे।
19 गांवों की जमीनों के अभिलेख मांगे जाने के बाद संबंधित क्षेत्र के किसानों और जमीन मालिकों की निगाहें अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर टिकी हैं। किसानों के सामने सवाल हैं कि किन सर्वे क्रमांकों की जमीन वास्तव में अधिग्रहित होगी, अधिसूचना कब जारी होगी और मुआवजे की दर किस आधार पर तय की जाएगी।
इसके अलावा प्रभावित किसानों के पुनर्वास और अन्य सुविधाओं को लेकर भी स्पष्ट जानकारी का इंतजार है। फिलहाल भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक तैयारी शुरू होने से क्षेत्र में रेल परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
गडचिरोली जिले को रेलमार्ग से जोड़ने वाली इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेल संपर्क शुरू होने से यातायात और माल परिवहन की सुविधा बढ़ने के साथ औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।