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एटापल्ली तहसील के कोईनवर्षी, मुरेवाड़ा, नैतला, हाचबोडी और रेकलमेटा में तत्काल बिजली आपूर्ति शुरू करने की मांग की गई है।
नैतला, मुरेवाड़ा, हाचबोडी और कोईनवर्षी को जोड़ने वाली सड़क का काम जल्द शुरू करने की मांग की गई है।
बिजली नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को रात में चिमनी और लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है।
Electricity Demand In Gadchiroli:आजादी के 7 दशक बीत जाने के बावजूद और कितने दिनों तक आदिवासी गांवों को बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करते रहना पड़ेगा? यह सवाल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने पदाधिकारियों ने उठाया है। एटापल्ली तहसील के कोईनवर्षी, मुरेवाड़ा, नैतला, हाचबोडी और रेकलमेटा इन पांच गांवों में तत्काल बिजली आपूर्ति शुरू करने तथा नैतला-मुरेवाड़ा-हाचबोडी-कोईनवर्षी सड़क का काम शुरू करने की मांग उपविभागीय अधिकारी से की है। प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर ग्रामीणों के साथ तीव्र जनआंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी गई है।
भाकपा पदाधिकारियों ने कहां कि, दुर्गम क्षेत्र के नागरिकों की शिक्षा, स्वास्थ्य, आवागमन और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों की ओर प्रशासन का पर्याप्त ध्यान नहीं है। बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को बार-बार मांग करनी पड़ रही है, जो गंभीर स्थिति है। भाकपा पदाधिकारियों ने कहा कि अब केवल आश्वासन देने के बजाय धरातल पर काम शुरू करने की आवश्यकता है। भाकपा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, कोईनवर्षी, मुरेवाड़ा, नैतला, हाचबोडी और रेकलमेटा के नागरिकों को आज भी बिजली के अभाव में जीवन बिताना पड़ रहा है। विद्यार्थियों को रात में चिमनी और लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है।
मोबाइल चार्ज करने से लेकर रोजमर्रा के कामों तक अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पार्टी ने कहा कि घने जंगलों के बीच बसे इन गांवों में रात के समय अंधेरा रहने से सांप, जहरीले कीड़े और वन्यजीवों का खतरा भी बढ़ जाता है। बिजली का अभाव केवल रोशनी की समस्या नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य, नागरिकों की सुरक्षा और दैनिक जीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। भाकपा ने मांग की है कि पांचों गांवों में बिजली के खंभे और तार लगाकर घरों को तत्काल बिजली कनेक्शन दिए जाएं। यदि मुख्य बिजली ग्रिड से आपूर्ति शुरू करने में देरी हो रही है, तो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सौर ऊर्जा आधारित मिनी-ग्रिड और आवश्यक प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
भाकपा ने बिजली और सड़क से जुड़े दोनों मुद्दों पर प्रशासन से तत्काल निर्णय लेकर कार्यान्वयन करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि केवल आश्वासन देकर ग्रामीणों की समस्याओं को टाला नहीं जाना चाहिए। 5 गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू करने और चार गांवों को जोड़ने वाली सड़क का काम आरंभ करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थानीय ग्रामीणों के साथ उपविभागीय कार्यालय के सामने तीव्र जनआंदोलन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी भाकपा पदाधिकारियों ने दी है।
नैतला-मुरेवाड़ा-हाचबोडी-कोईनवर्षी को जोड़नेवाले मार्ग की खराब स्थिति ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। भाकपा के अनुसार, उचित सड़क नहीं होने से नागरिकों को जंगल की पगडंडियों और कीचड़ भरे रास्तों से आवागमन करना पड़ता है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी कठिन हो जाती है। नालों पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से भी यातायात प्रभावित होता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण एंबुलेंस को गांवों तक पहुंचने में परेशानी होती है। विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है।