

Highlights:
गड़चिरोली जिले के तुड़मेड़ परिसर में बाघ के हमले में 25 वर्षीय शांताराम मडावी की मौत हो गई।
मंगलवार सुबह करीब 8 बजे खेत में कृषि कार्य के दौरान बाघ ने युवक पर हमला किया।
चामोर्शी तहसील के ठाकुरनगर गांव में स्कूल से लगभग 500 मीटर दूर दो बाघ दिखाई दिए।
Gadchiroli Tiger Attack: गड़चिरोली वनविभाग अंतर्गत धानोरा तहसील के पेंढरी वनपरिक्षेत्र के तहत आनेवाले तुड़मेड़ परिसर में आज मंगलवार 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे के दौरान बाघ के हमले में युवक की मौत होने की घटना हुई। इस घटन से परिसर में हडकंप मच गया है। मृतक का नाम तुडमेड निवासी शांताराम नाम तुडमेड निवासी शांताराम मडावी (25) है। इस घटन के चलते परिसर में दहशत का वातावरण निर्माण हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज मंगलवार को सुबह के दौरान शांताराम मडावी यह खेत परिसर में गए हुए थे। इस दौरान खेत में कृषिकार्य करते समय घात लगाए बाघ ने उसपर अचानक हमला कर दिया। इस हमलें उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। इसकी जानकारी वनिवभाग को दी गई।
जिससे वनविभाग का दल घटनास्थल पर पहुंचा। पेंढरी वनपरिक्षेत्र में बाघ के हमले की इस घटना ने ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खेतों में काम करने जानेवाले किसानों और अन्य ग्रामीणों के सामने जंगली जानवरों का खतरा गंभीर होता जा रहा है। घटना के बाद वन विभाग से क्षेत्र में तत्काल आवश्यक उपाय करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग हो रही है।
उधर चामोर्शी तहसील के घोट वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले परिसर में वर्तमान स्थिति में बाघों की दहशत काफी बढ़ गयी है। ऐसी स्थिति में अब स्कूल परिसर में एकसाथ दो बाघ पहुंचने से हड़कम्प मच गया। बाघ पहुंचने से हड़कम्प मच गया। स्कूल के महज 500 मीटर दूरी पर बाघ दिखाई देते ही शिक्षकों ने कक्षाओं के दरवाजे बंद कर दिए। इस घटना से क्षेत्र में डर का माहौल है। मंगलवार को सुबह घोट वनपरिक्षेत्र कार्यालय अंतर्गत ठाकुरनगर गांव में सुबह के समय शिक्षक वर्ग छात्रों को पढाने के कार्य में व्यस्त थे। इसी बीच अचानक दो बाघ स्कूल समीपस्थ पहुंच गये।
बाघों को देखते ही छात्रों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। लेकिन शिक्षकों ने सतर्कता बरतते हुए स्कूल के सभी दरवाजे बंद कर छात्रों की जान बचाई है। कुछ देर तक बाघ स्कूल परिसर का भ्रमण कर जंगल में चले गये। लेकिन इस मामले से अब छात्रों की सुरक्षा का प्रश्न निर्माण हो गया है। वहीं ग्रामीण समेत छात्रों को दहशत में जीवनयापन करने की नौबत आन पड़ी है। उक्त विद्यालय मुख्य मार्ग से सटा हुआ है। विशेषतः सडक के दूसरे छोर से घना जंगल है। इस मामले से स्कूली छात्र समेत ग्रामीण दहशत में आ गये है। ग्रामीणों ने बताया कि, इस परिसर में बाघ की दहशत निर्माण होने के कारण शाम होते ही घरों से बाहर निकलना मुश्किल होने की बात कही है।
प्रधानाचार्य नरेश दुधबावरे ने कहा कि उक्त दोनों बाध स्कूल से करीब 500 मिटर दूरी पर थे। इस मामले की जानकारी मिलते ही हमने तत्काल स्कूल के सभी दरवाजे बंद कर दिये। छात्रों की सुरक्षा की दूष्टी से स्कूल प्रबंधन सतर्क है। विशेषतः सभी शिक्षक वर्ग नियमित रूप से स्कूल में उपस्थित रहकर छात्रों को पढ़ाने के साथ ही उनकी सुरक्षा के प्रति सतर्कता बरत रहे है।
घोट वनपरिक्षेत्राधिकारी आकाश मल्लेलवार ने कहा कि उक्त परिसर में बाघों का विचरण शुरू होने के कारण वनविभाग के कर्मचारियों द्वारा निरंतर गस्त किया जा रहा है। विशेषतः उक्त क्षेत्र में चार ट्रैप केमेर लगाने के साथ ही नागरिकों से सतर्कता बरतने संदर्भ में जनजागृति की जा रही है। अब तक ट्रेप केमेरों के जरिये तीन बाघ दिखाई दिये है। उक्त परिसर में वनविभाग और सामाजिक वनीकरण विभाग के तहत होने के कारण सामाजिक वनिकरण विभाग के साथ समन्वय रख कार्य किया जा रहा है।