

सुरजागड़ इलाकापट्टी के 70 गांवों की संयुक्त ग्रामसभा में शराब बिक्री पर रोक लगाने का फैसला।
शराब बेचते पकड़े जाने पर एक लाख रुपये जुर्माने का प्रस्ताव पारित।
महुआ फूल से लड्डू समेत पौष्टिक खाद्य पदार्थ बनाने पर जोर।
स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण देकर गृह उद्योग शुरू करने की योजना।
अवैध शराब पर नियंत्रण और गांवों के विकास के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प।
Gadchiroli Liquor Ban Surjagad Gram Sabha: गड़चिरोली जिले की एटापल्ली तहसील में सुरजागड़ इलाकापट्टी ग्रामसभा के अंतर्गत आने वाले 70 गांवों ने अवैध देशी और विदेशी शराब की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। ग्रामसभा के प्रस्ताव के अनुसार, शराब बेचते पकड़े जाने पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाने का फैसला किया गया। साथ ही महुआ फूल से पौष्टिक खाद्य पदार्थ बनाकर स्थानीय रोजगार और आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
गड़चिरोली शहर के 70 गांवों ने अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए सामूहिक फैसला लिया है। एटापल्ली तहसील की सुरजागड़ इलाकापट्टी ग्रामसभा ने तय किया कि क्षेत्र के किसी भी गांव में शराब बेचते पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाने का प्रस्ताव लागू किया जाएगा। इसके साथ ही महुआ फूल से खाद्य पदार्थ तैयार कर रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर पैदा करने की पहल भी की जाएगी।
ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार, क्षेत्र के किसी भी गांव में शराब बेचते हुए पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया गया। ग्रामसभा ने ग्रामीणों से अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण के लिए एकजुट होकर प्रयास करने की अपील की।
बैठक में तय किया गया कि सुरजागड़ इलाकापट्टी के सभी 70 गांवों में देशी और विदेशी शराब की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। ग्रामसभा के सदस्यों ने माना कि अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण के लिए गांव स्तर पर सामूहिक भागीदारी जरूरी है।
इस निर्णय के माध्यम से गांवों में शराब की बिक्री रोकने और सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में महुआ फूल के वैकल्पिक उपयोग पर भी चर्चा हुई। मुक्तिपथ के तहसील संगठक किशोर मलेवार ने ग्रामीणों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि महुआ फूल का इस्तेमाल केवल शराब बनाने के लिए करने के बजाय इससे महुआ लड्डू सहित विभिन्न पौष्टिक खाद्य पदार्थ तैयार किए जा सकते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों को महुआ फूल से खाद्य उत्पाद बनाने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। ग्रामसभा ने भी इस पहल को स्थानीय लोगों के लिए आय के नए साधन विकसित करने का अवसर माना।
ग्रामसभा के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को महुआ फूल से खाद्य पदार्थ बनाने का प्रशिक्षण देने और गृह उद्योग शुरू करने के लिए प्रयास करने का निर्णय लिया गया। इससे महुआ फूल के लिए वैकल्पिक बाजार विकसित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई।
बैठक में गांवों के विकास और अवैध शराब पर नियंत्रण के लिए सामूहिक रूप से काम करने का संकल्प भी लिया गया।
बैठक में ग्रामसभा सचिव देव हिचामी, इलाका उपाध्यक्ष बंडू दोरपेटी, ग्रामसभा सदस्य कन्ना गोटा, लक्ष्मण जेटी, ईश्वर सदमेक और वन क्षेत्र सहायक वी.टी. पवार समेत 70 गांवों के अध्यक्ष उपस्थित थे।