

अकोला में अवैध साहूकारी की शिकायतों पर 28 ठिकानों पर छापेमारी।
11 शिकायतकर्ताओं की शिकायतों के आधार पर चलाया गया अभियान।
करीब 240 अधिकारी-कर्मचारी और पुलिसकर्मी संयुक्त कार्रवाई में शामिल।
खाली चेक, बांड, जमीन के दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड जब्त।
दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Akola Illegal Moneylenders Raid: खाली चेक, बांड और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की बरामदगी के बीच अकोला में अवैध साहूकारी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। सहकार विभाग ने शिकायतों के आधार पर 28 ठिकानों पर छापे मारे। चार जिलों के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों समेत करीब 240 लोगों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। अब जब्त दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अकोला शहर और आसपास के क्षेत्रों में कथित अवैध साहूकारी की शिकायतों के आधार पर सहकार विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। महाराष्ट्र साहूकारी (विनियमन) अधिनियम, 2014 की धारा 16 के तहत 28 ठिकानों पर छापे मारे गए। विभाग के अनुसार, अमरावती संभाग में की गई कार्रवाइयों में यह सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।
यह अभियान 11 शिकायतकर्ताओं की शिकायतों के आधार पर चलाया गया। कार्रवाई में अकोला, अमरावती, वाशिम और बुलढाना जिलों के सहकार विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पंच और पुलिसकर्मी शामिल हुए।
कार्रवाई में सहकार विभाग के 120 अधिकारी-कर्मचारी, 40 पंच, पुलिस विभाग के 22 अधिकारी और 44 महिला-पुरुष पुलिस कर्मचारी शामिल थे। इस तरह अभियान में कुल करीब 240 लोगों की भागीदारी रही।
छापेमारी के दौरान अलग-अलग ठिकानों की तलाशी ली गई और कथित साहूकारी लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई।
छापों के दौरान इसार रसीदें, खाली चेक, खाली बांड, मूल और छायाप्रति बिक्री विलेख, डायरियां, कब्जा एवं बिक्री रसीदें, करारनामे, गिरवी विलेख, सातबारा अभिलेख, नकदी तथा खातों से संबंधित बहियां समेत अन्य दस्तावेज जब्त किए गए।
कार्रवाई पुलिस बंदोबस्त और पंचों की उपस्थिति में की गई। जब्त दस्तावेजों में दर्ज लेन-देन और संपत्ति से संबंधित जानकारी की जांच की जाएगी। फिलहाल दस्तावेजों की जब्ती को अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं माना जा सकता।
विभाग की कार्रवाई के दायरे में गंगा सोनोनें, पवन अग्रवाल, नवल अग्रवाल, कृष्णा झा, दर्शन अठराले, राजुसिंह सूर्यवंशी, सागर बेलूरकर, विवेक अग्रवाल, रमेश सुरजुशे, आदेश पवित्रकार, अंजली लहरिया, गोविंद बजाज, गजानन सोनोनें, दिनेश राठी, जयप्रकाश मोटवानी, अजय थावरानी, सुनील उकंडे, राजेश शर्मा, चंद्रकांत गावंडे, राजू शर्मा, डिंगावर शिवलकर, धीरज श्रीवास और वैभव श्रीवास सहित अन्य लोगों से संबंधित ठिकाने शामिल थे।
इन ठिकानों पर मिली सामग्री और दस्तावेजों की जांच के बाद ही संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।
इस कार्रवाई में विभागीय सहनिबंधक गौतम वर्धन, जिलाधिकारी वर्षा मीना और जिला पुलिस अधीक्षक अचिंत चांडक का सहयोग एवं मार्गदर्शन मिला। अमरावती के जिला उपनिबंधक राजेश भुवार, बुलढाना के जिला उपनिबंधक डॉ. महेंद्र चव्हाण और वाशिम के जिला उपनिबंधक एम.एस. लटपटे ने अपने-अपने जिलों से अधिकारी-कर्मचारी उपलब्ध कराए।
पूरे अभियान का नियोजन अकोला तहसील की उपनिबंधक ज्योति मलिये-राऊत ने किया। विभाग के अनुसार, जब्त दस्तावेजों की जांच और शिकायतों के सत्यापन के बाद आरोपों में तथ्य पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।