8 साल से लंबित सुध्दागुडम-मरपल्ली सड़क के लिए ग्रामीणों का चक्काजाम, प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

Gadchiroli Chakka Jam Protest: गड़चिरोली के पेरमिली क्षेत्र में सुध्दागुडम-मरपल्ली सड़क निर्माण में 8 साल की देरी के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने चक्काजाम किया।
gadchiroli suddhagudam marpalli road chakka jam
गड़चिरोली सड़क आंदोलन(सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Gadchiroli Road Protest: गड़चिरोली जिले के अहेरी तहसील के अतिदुर्गम तथा आदिवासी बहुल क्षेत्र में सुध्दागुडम से मरपल्ली तक की महत्वपूर्ण सड़क को सरकार द्वारा करीब 8 वर्ष पहले मंजूरी मिलने के बावजूद अब तक प्रत्यक्ष रूप से निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इससे क्षेत्र के हजारों नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई है। सड़क की बदहाली के साथ ही बार-बार बाधित होने वाली बिजली, मोबाइल नेटवर्क की कमी तथा जर्जर पुलियों के कारण क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

प्रशासन की कथित उदासीनता के विरोध में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं पूर्व जिप अध्यक्ष डॉ. अजय कंकडालवार ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। बावजूद इसके प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं किये जाने से आखिरकार सोमवार को डॉ. अजय कंकडालवार के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने उमानूर मुख्य मार्ग चौक पर शांतिपूर्ण चक्काजाम आंदोलन किया। इस आंदोलन ने काफी देर तक मुख्य मार्ग की यातायात प्रभावित हो गया था। इस आंदोलन में परिसर के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित होकर सड़क का निर्माण तत्काल न करने पर तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

gadchiroli suddhagudam marpalli road chakka jam
भारत-ताइवान सम्मेलन: नासिक में आयोजित बी2बी विक्रेता विकास परिषद में वैश्विक साझेदारी पर जोर

मरम्मत करने की मांग

आंदोलनकर्ताओं ने कहां कि, सुध्दागुडम, मरपल्ली, रेगुलवाही और करंचा गांवों को तहसील मुख्यालय से जोड़नेवाला यह प्रमुख मार्ग है। सड़क को मंजूरी मिलने तथा निधि की व्यवस्था होने के बावजूद ठेकेदार और संबंधित व्यवस्था की कथित लापरवाही के कारण काम लंबित है। सड़क की खराब स्थिति के कारण स्कूली विद्यार्थियों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है, जबकि किसानों के लिए कृषि उपज बाजार तक पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और खराब होकर कीचड़ में तब्दील हो जाती है। जिससे तत्काल सडक की मरम्मत करने की मांग आंदोलनकर्ताओं ने की है।

जानलेवा बने पुलिया की ओर ध्यानाकर्षण

करंचा और रेगुलवाही के नालों पर बनी पुलियां भी काफी जर्जर हो चुकी हैं। इन पुलिया की स्थिति ऐसी है कि कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इन पुलिया से आवागमन करना जोखिमपूर्ण बना हुआ है। इसके साथ ही मरपल्ली से रेगुलवाही मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवता पर भी सवाल उठाए गए है। ग्रामीणों ने इस कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

पिछले कई वर्षों से प्रशासन के समक्ष मौखिक और लिखित रूप से इन समस्याओं को उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है उन्होंने कहा कि, आदिवासी क्षेत्र के नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। ऐसी बात भी आदोलनकर्ताओं ने कही है। इस समय परिसर के नागरिक बडी संख्या में उपस्थित थे।

gadchiroli suddhagudam marpalli road chakka jam
नागपुर स्नातक चुनाव: कांग्रेस का ढोल ताशों से शक्ति प्रदर्शन, भाजपा ने दिखाई सादगी, कोहले, सोले ने भरा नामांकन

बिजली और नेटवर्क की समस्या से राहत दें

क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, दिन में कई बार बिजली गुल होती है। कम वोल्टेज के कारण मोटर पंप खराब होने, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने तथा छोटे व्यवसायों को नुकसान होने की शिकायतें हैं। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। किसी दुर्घटना या चिकित्सा आपात स्थिति में एंबुलेंस अथवा पुलिस से संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में मोबाइल टावर स्थापित कर बेहतर नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी आंदोलनकर्ताओं ने की।

जल्द शुरू होगा कार्य

आंदोलन के दौरान लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने आंदोलनस्थल को भेंट देकर आंदोलनकर्ताओं के साथ चर्चा की है। जहां उन्होंने सड़क निर्माण का प्रस्ताव सरकार के पास भेजकर निधि प्राप्त होते ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया है। इधर तत्काल कार्य शुरू नहीं होने पर तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी आंदोलनकर्ताओं ने दी है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com