

Sironcha Alapalli National Highway: सिरोंचा-आलापल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रंगय्यापल्ली गांव के पास मंगलवार सुबह एसटी बस और काली-पीली टैक्सी की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में करीब दस यात्री घायल हुए हैं, जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ। गंभीर रूप से घायल लोगों की पहचान वेंकट मूडमडीगेला (52), सुकमार बेडकी (49) और शेख कासिम (65), सभी निवासी जाफराबाद के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिरोंचा बस स्टैंड से मंगलवार सुबह एसटी बस अहेरी की ओर रवाना हुई थी। इसी दौरान कोटामल और रंगव्यापल्ली गांव के बीच स्थित एक मोड़ पर जाफराबाद की ओर से तेज गति से आ रही काली-पीली टैक्सी की बस से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि, टैक्सी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टैक्सी में सवार करीब दस यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए सिरोंचा ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया गया।
इस घटना वेंकट मूडमडीगेला, सुकमार बेडकी और शेख कासिम की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तत्काल उपचार के लिए तेलंगाना राज्य के अस्पताल में रेफर किए जाने की जानकारी है। घटना की जानकारी मिलते ही सिरोंचा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक बाबासाहब दुधाल के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक पिल्लीवार तथा पुलिस कर्मियों द्वारा की जा रही है।
इस मुख्य मार्ग का निर्माण काफी धीमी गति से होने के कारण उक्त मार्ग वर्तमान स्थिति में जानलेवा बन गया है। इस मार्ग पर अब तक अनेक बार हादसे होकर अनेकों ने अपनी जान गवाई है। वहीं कई लोग घायल हो गये है।
विशेषतः सडक का निर्माण तेजी से करने की मांग को लेकर सामाजिक संगठन द्वारा अनेक बार आंदोलन भी किया गया है। बावजूद इसके निर्माणकार्य की गति में तेजी नहीं आ है। सड़क निर्माण कार्य में आखिर और कितने वर्ष लगेंगे? अधूरी सड़क और खतरनाक मोड़ के कारण होने वाले हादसों में आखिर और कितने लोगों की जान जाएगी? ऐसे तीखे सवाल वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों द्वारा उठाए जा रहे हैं।
सिरोंचा आलापल्ली राष्ट्रीय महामार्ग का निर्माण कार्य पिछले करीब चार वर्षों से चल रहा है। इसके बावजूद कई स्थानों पर सड़क का काम अब भी अधूरा है। खतरनाक मोड़, अधूरी सड़क और निर्माण कार्य के कारण इस मार्ग पर वाहन चालकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महामार्ग के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग प्रशासनिक स्तर पर लगातार की जा रही है। इसके बावजूद संबंधित ठेकेदार द्वारा इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।