

Gadchiroli Bridge Construction: गड़चिरोली जिले की एटापल्ली तहसील के मरपल्ली-वासामुंडी से एटापल्ली के बीच स्थित खतरनाक पुल का मुद्दा आखिरकार हल होने की दिशा में है। पिछले दो वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण के लिए जिलाधिकारी ने 5 करोड़ रुपए का निधि उपलब्ध कराने का ठोस आश्वासन दिया है। साथ ही अगले तीन महीनों में पुल का निर्माण कार्य शुरू होने की जानकारी दी गई है।
मरपल्ली-वासामुंडी से एटापल्ली मार्ग पर स्थित यह पुल लंबे समय से जर्जर और खतरनाक स्थिति में है। इसके चलते नागरिकों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। पुल की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने इससे पहले जिलाधिकारी, उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी को कई बार ज्ञापन सौंपे थे। वर्तमान सांसद की समीक्षा बैठक में भी ग्रामीणों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। सांसद की ओर से संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन निर्माण विभाग द्वारा लगातार अनदेखी किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में इस पुल के कारण तीन युवकों की जान जा चुकी है। इनमें मरपल्ली निवासी अंकुश पांडू कुलयेटी, वासामुंडी निवासी मारोती शांताराम तलांडे तथा तोडसा निवासी एक युवक शामिल हैं। इसके अलावा कई युवक पुल पार करते समय बह गए थे, जिन्हें सौभाग्य से बचा लिया गया। यह पुल सूरजागढ़ लोह-इस्पात परियोजना क्षेत्र के 25 किलोमीटर के दायरे में आता है। इसलिए जिला खनिज निधि से तत्काल 5 करोड़ रुपए उपलब्ध कराकर जिला नियोजन समिति की बैठक में मंजूरी देने और कार्यारंभ आदेश जारी करने की मांग की गई थी। मांग पूरी नहीं होने पर 15 दिनों के भीतर उपविभागीय कार्यालय के सामने आमरण अनशन करने की चेतावनी दी गई थी।
इस संबंध में 4 सितंबर को तहसील कांग्रेस नेता तथा मरपल्ली स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रज्वल नागूलवार, नगर पंचायत उपाध्यक्ष मीनाई नागूलवार, रघुनाथ लेकामि सहित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। इससे पहले इसी मांग को लेकर कांग्रेस नेता प्रज्वल नागूलवार ने 9 अगस्त को सीधे नाले में उतरकर अनोखा आंदोलन भी किया था। आखिरकार प्रशासन ने इस आंदोलन का संज्ञान लिया। जिलाधिकारी अविशांत पंडा ने मरपल्ली पुल के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए का निधि उपलब्ध कराने का ठोस आश्वासन दिया है।