

गड़चिरोली के सिरोंचा तहसील स्थित रेंगुंठा उपसा सिंचाई परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
कांग्रेस नेता डॉ. अजय कंकडालवार ने आरोप लगाया कि निर्माण के लिए अधिकृत डिपो के बजाय नदी पात्र से जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से रेत और मुरुम निकाला जा रहा है।
आरोपों के अनुसार, कथित अवैध उत्खनन से सरकारी राजस्व को नुकसान और नदी के प्राकृतिक प्रवाह व पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
Gadchiroli Irrigation Project: गड़चिरोली जिले के सिरोंचा तहसील के अतिदुर्गम रेंगुंठा गांव में चल रही करोड़ों रुपये की उपसा सिंचाई प्रकल्प के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव तथा पूर्व जिप अध्यक्ष डॉ. अजय कंकडालवार ने आरोप लगाया है कि प्रकल्प में कथित तौर पर नदी घाट से अवैध रूप से रेत और मुरुम निकालकर घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
डॉ. कंकडालवार के अनुसार, रेंगुंठा में पिछले तीन से चार वर्षों से उपसा जल सिंचाई योजना का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि निर्माण के लिए आवश्यक रेत और मुरुम अधिकृत डिपो से लाने के बजाय सीधे नदी पात्र से जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से निकाले जा रहे हैं। उनके आरोपों के अनुसार, इस प्रक्रिया में शासन को रॉयल्टी के रूप में मिलने वाले राजस्व का नुकसान हो रहा है।
डॉ. कंकडालवार ने आशंका जताई कि नदी पात्र से बड़े पैमाने पर रेत निकालने के कारण नदी के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह का उत्खनन जारी रहा, तो भविष्य में क्षेत्र को बाढ़ और अन्य पर्यावरणीय समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नदी पात्र से रेत निकालने और उसे परिवहन करने का काम खुलेआम हो रहा है, तो संबंधित विभागों के अधिकारियों की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पूर्व जिप अध्यक्ष डॉ. कंकडालवार ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस मामले में तत्काल जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा हजारों ग्रामीणों को साथ लेकर सिरोंचा तहसील कार्यालय के सामने तीव्र जनआक्रोश आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ऐसी बात भी उन्होने कहीं है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि किसानों के विकास के नाम पर बनाई जा रही इस प्रकल्प में यदि अनियमितताएं हुई हैं, तो इससे योजना के उद्देश्य और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच समिति गठित करने की मांग की है। उनकी मांग है कि प्रकल्प के संपूर्ण निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाए। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल की गई रेत और मुरुम की रॉयल्टी रसीदों, उत्खनन की अनुमति तथा पर्यावरण संबंधी मंजूरियों की भी विस्तार से पड़ताल की जाए।