

सुशील कुमार शिंदे ने दावा किया कि उन्हें कई बार भाजपा में शामिल होने का ऑफर मिला।
कांग्रेस नेता ने बोले अपनी विचारधारा और सिद्धांतों पर कायम रहकर काम करना महत्वपूर्ण।
पोते शिखर पहाड़िया के विवाद पर कहा कि शुभकामनाएं देने में कोई बुराई नहीं है।
Sushil Kumar Shinde On BJP Join Offer: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं सुशील कुमार शिंदे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा करने वाला बयान दिया है। मीडिया से बात करते हुए 85 वर्षीय कांग्रेस दिग्गज ने दावा किया कि उन्हें कई बार भाजपा में शामिल होने का औपचारिक व अनौपचारिक ऑफर मिला, लेकिन उन्होंने हर बार इसे ठुकरा दिया।
सुशील कुमार शिंदे यह बयान तब सामने आया है जब उनके पोते शिखर पहाड़िया द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने वाला एक बैनर लगाया गया, जिस पर विवाद खड़ा हो गया था। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने अपने पोते का बचाव किया और कहा कि किसी भी शीर्ष जननेता या प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देने में कुछ भी गलत नहीं है।
कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि मैं खुद भी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला था। देश के प्रधानमंत्री से मिलने में कोई बुराई या आपत्ति नहीं है। लेकिन असली मायने यह रखते हैं कि कोई व्यक्ति किस विचारधारा, पार्टी और किन सिद्धांतों पर विश्वास रखता है।
भाजपा में शामिल होने के प्रस्तावों पर खुलकर बात करते हुए सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि मुझसे भी कई बार उनके साथ जुड़ने के लिए कहा गया। लेकिन मैंने हमेशा उनसे सवाल पूछा कि वहां जाने से मुझे क्या हासिल होगा? मैंने साफ कह दिया कि मैं जिस विचारधारा और पार्टी के साथ हूं, वहीं रहकर अपना काम ईमानदारी से करता रहूंगा।
सुशील कुमार शिंदे ने तंज कसते हुए यह भी जोड़ा कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में उन नेताओं का हश्र अच्छी तरह देखा है, जो अपनी मूल पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।
सुशील कुमार शिंदे के इस चौंकाने वाले खुलासे पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण की भी प्रतिक्रिया आई है। चव्हाण ने कहा कि राजनीति में कई बार ऐसे प्रस्ताव यूं ही बातचीत में दे दिए जाते हैं या फिर कई मौकों पर पार्टी के शीर्ष स्तर से संदेश भेजे जाते हैं।
पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि एक राजनीतिक संगठन के रूप में भाजपा को अपना जनाधार और दायरा बढ़ाने का पूरा अधिकार है। हालांकि, मुझे पूरा यकीन है कि अगर सुशील कुमार शिंदे को ऐसा कोई प्रस्ताव मिला भी था, तो उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया। यह बात बिल्कुल स्पष्ट है।
बता दें कि 85 वर्षीय सुशील कुमार शिंदे का भारतीय राजनीति में एक लंबा और प्रतिष्ठित करियर रहा है। वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहने के साथ-साथ केंद्र सरकार में गृह मंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में उनकी बेटी प्रणीति शिंदे भी कांग्रेस पार्टी से सोलापुर लोकसभा सीट से सांसद हैं।