

Gadchiroli News Etapalli ZP School: गड़चिरोली के एटापल्ली तहसील स्थित कसनसूर जिला परिषद उच्च प्राथमिक स्कूल में सोमवार को शिक्षक नहीं पहुंचे। घंटों इंतजार के बाद अभिभावक बच्चों को घर ले गए।
स्कूल में 70 से अधिक छात्रों के लिए केवल तीन ठेका शिक्षक कार्यरत हैं। ग्रामीणों ने शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और संख्या बढ़ाने की मांग की है।
गड़चिरोली ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जिला परिषद की ओर से स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति के कारण विद्यार्थियों के शैक्षणिक नुकसान के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मामला सोमवार को एटापल्ली तहसील के कसनसूर गांव स्थित जिला परिषद उच्च प्राथमिक स्कूल में सामने आया। शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे तो घंटों इंतजार करने के बाद अभिभावक अपने बच्चों को वापस घर ले गए।
स्कूल में शिक्षक नियमित रूप से उपस्थित रहें, इसके लिए शाला प्रबंधन समिति और ग्रामीणों ने कई बार शिक्षा विभाग का ध्यान आकर्षित किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद वरिष्ठ स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
इस दौरान शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष संतोष गोटा, उपाध्यक्ष माधुरी बोलमपल्लीवार, पूर्व सभापति बबिता मडावी, पूर्व सरपंच सुनील मडावी, रवि पुंगाटी, किशोर डे, प्रशांत उसेंडी और ददु मडावी समेत ग्रामीण मौजूद रहे।
कसनसूर जिला परिषद उच्च प्राथमिक स्कूल में पहली से सातवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है। स्कूल में 70 से अधिक विद्यार्थी हैं। इन सात कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए वर्तमान में केवल तीन ठेका शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों ने अगस्त में स्कूल को ताला भी जड़ा था।
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल के नियमित शिक्षक प्रकाश मडावी के भी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने की शिकायत है। ग्रामीणों ने स्कूल में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
संतोष गोटा, अध्यक्ष, शाला प्रबंधन समिति ने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी शिक्षकों पर होती है। स्कूल में शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते, जिसके कारण छात्रों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। सोमवार को भी बच्चे समय पर स्कूल पहुंच गए थे, लेकिन एक भी शिक्षक नहीं आया। बीडीओ से संपर्क करने पर मंगलवार को एक शिक्षक भेजने की बात कही गई। ऐसे में अभिभावकों को मजबूर होकर बच्चों को घर वापस ले जाना पड़ा। जब स्कूल में शिक्षक ही नहीं हैं, तो बच्चों को स्कूल कैसे भेजें?
श्रीकृष्णा पैदाम, संवर्ग विकास अधिकारी, एटापल्ली ने बताया कि संबंधित स्कूल के ठेका शिक्षक समेत अन्य स्कूलों में कार्यरत 66 ठेका शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। शिक्षकों ने दो दिनों के अवकाश की मांग की है। संबंधित शिक्षकों के स्थान पर एक अन्य शिक्षक को स्कूल भेजने की बात ग्रामीणों से कही गई थी, लेकिन ग्रामीण इसके लिए तैयार नहीं हुए।
सुहास गाई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिप गड़चिरोली ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। संबंधित स्कूल में जल्द ही शिक्षकों को भेजा जाएगा। एटापल्ली में जिले में सर्वाधिक शिक्षकों की नियुक्तियां की गई हैं, इसलिए अब स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं होगी।