गड़चिरोली में आदिवासी गांव ने दी मिसाल, शराब पर पूरी तरह रोक; सूचना देने वाले को ₹10 हजार इनाम

Gadchiroli Alcohol Ban: गड़चिरोली के आदिवासी बहुल कनगडी गांव में ग्रामसभा ने अवैध बिक्री और घरेलू शराब पर रोक लगाई है। शराब बेचने पर ₹20 हजार जुर्माना और सूचना देने पर ₹10 हजार इनाम तय है।
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गड़चिरोली शराबमुक्त गांव(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Gadchiroli Alcohol-Free Village: धानोरा तहसील के दुर्गम क्षेत्र में बसे कनगडी गांव ने इलाखा ग्रामसभा के निर्णय पर अपने गांव में अवैध शराब बिक्री के साथ ही घरेलू शराब पर भी पाबंदी लगाई है। जिसके चलते इस आदिवासी बहुल गांव ने अपने गांव को शराबमुक्त कर अन्य गांवों के समक्ष मिसाल कायम की है। धानोरा तहसील मुख्यालय से 48 किमी दूरी पर कनगडी गांव स्थित है। इस गांव की जनसंख्या 350 के आसपास है। इस गांव में केवल आदिवासी समुदाय के लोग ही निवासरत है।

गड़चिरोली के कनगडी गांव में शराब बेचने पर ₹20 हजार जुर्माना

पहले गांव के कुछ लोग गांव में अवैध रूप से शराब बिक्री करते थे। इसके साथ ही आदिवासी परंपरा के अनुसार घरेलू शराब का भी उपयोग किया जाता था। लेकिन इस परंपरा के कारण गांव के युवाओं में नशे का प्रमाण बढ़ने की संभावना निर्माण हुई थी। ऐसे में 40 गांव के इलाखा ग्रामसभा ने संपूर्ण गांव के प्रमुख गांव पटेल, भूमिया देहारी व ग्रामसभा सदस्यों के उपस्थिति में घरेलू शराब का उपयोग इस मुद्दे पर बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में ग्रामसभा ने हर गांव की स्थिति जानते हुए शराब बंद करने का प्रस्ताव रखा।

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गांव में शांति व सुव्यवस्था

साथ ही निर्णय का उल्लंघन कर शराबबिक्री करने वाले व्यक्ति से 20 हजार का जुर्माना व शराब विक्रेताओं की जानकारी देने वाले को 10 हजार रूपये का इनाम देने का निर्णय लिया गया। यह प्रस्ताव सर्वानुमते पारित किया गया। इस ग्रामसभा में समाविष्ट कनगडी गांव ने भी इस निर्णय पर अमल करते हुए अपने गांव से अवैध शराब बिक्री बंद तो की साथ ही आदिवासी परंपरा में शराब का उपयोग करने की परंपरा भी खंडीत की।

नशे पर लगी लगाम

जिससे शराब का उपयोग पूर्णत कम हुआ है। और नशे का प्रमाण भी काफी कम हुआ है। गांव में शराब बिक्री ही नहीं होने से अकारण विवाद का सवाल ही नहीं उठता है। दुर्गम क्षेत्र में बसे इस आदिवासी बहुल गांव ने शराब के दुष्परिणाम ध्यान में लेकर अपने गांव से अवैध शराब को बाहर किया है। इस गांव से अपने गांव में शांतता व सुव्यवस्था कायम रखते हुए अन्य गांवों के समक्ष आदर्श निर्माण किया है।

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