गड़चिरोली के भामरागढ़ में बेटी को बचाने के लिए मां ने नदी में धकेला, खुद तेज बहाव में बही; 24 घंटे बाद मिला शव

Gadchiroli Indravati River Boat Accident: भामरागढ़ के पास इंद्रावती नदी में नाव पलटने से जानो पुंगाटी की मौत हो गई। तीन वर्षीय बेटी को बचाने के प्रयास के दौरान वह बह गईं। 24 घंटे बाद शव मिला।
Gadchiroli Indravati River Boat Accident
गढ़चिरौली इंद्रावती नदी नाव दुर्घटनासोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • इंद्रावती नदी पार करते समय नाव पलटने से हादसा

  • तीन वर्षीय बेटी को बचाने के लिए मां ने किया प्रयास

  • करीब 24 घंटे बाद झाड़ियों में मिला महिला का शव

  • भामरागढ़ के महाकापाड़ी गांव की निवासी थीं जानो पुंगाटी

Gadchiroli BhamragadIndravati River Accident: गड़चिरोली के भामरागढ़ तहसील में इंद्रावती नदी पार करते समय नाव पलटने से जानो संतोष पुंगाटी की डूबकर मौत हो गई। हादसे के दौरान उन्होंने अपनी तीन वर्षीय बेटी को नाविक की ओर धकेला, जिससे बच्ची की जान बच गई। करीब 24 घंटे की तलाश के बाद महिला का शव झाड़ियों में फंसा मिला।

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बेटी को बचाने के प्रयास में मां की मौत

गड़चिरोली जिले की भामरागढ़ तहसील में इंद्रावती नदी पार करते समय नाव पलटने से एक महिला की डूबकर मौत हो गई। हादसे के दौरान महिला ने अपनी तीन वर्षीय बेटी को बचाने के लिए उसे नाविक की ओर धकेल दिया। नाविक ने बच्ची को पकड़कर बचा लिया, लेकिन महिला नदी के तेज बहाव में बह गई। करीब 24 घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद उसका शव नदी के बीच झाड़ियों में फंसा मिला।

मृतका की पहचान महाकापाड़ी निवासी जानो संतोष पुंगाटी के रूप में हुई है। इस घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है।

मायके जाने के लिए नदी पार कर रही थीं

जानकारी के अनुसार, जानो का मायका छत्तीसगढ़ के गोडमुंगूर गांव में है। वह अपनी तीन वर्षीय बेटी प्रियंका, सास-ससुर और बड़े जेठ के साथ 7 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के लिए निकली थीं। महाकापाड़ी से गोडमुंगूर जाने के लिए नेलगुंडा के पास इंद्रावती नदी नाव से पार करनी पड़ती है।

पहली खेप में जगह नहीं मिलने के कारण जानो, उनकी बेटी और कुछ अन्य यात्रियों को दूसरी नाव का इंतजार करना पड़ा। इस बीच उनके सास-ससुर और बड़े जेठ नदी पार कर छत्तीसगढ़ के तट पर पहुंच गए। इसके बाद जानो अपनी बेटी और दो अन्य लोगों के साथ नाव में सवार हुईं।

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अचानक पलटी नाव, तेज बहाव में बही महिला

नदी पार करते समय अचानक नाव पलट गई और जानो तथा उनकी बेटी पानी में गिर गईं। संकट की इस घड़ी में जानो ने बच्ची को नाविक की ओर धकेल दिया। नाविक ने बच्ची को एक हाथ से पकड़कर बचाने का प्रयास किया और उसे सुरक्षित निकाल लिया। हालांकि, तेज बहाव के कारण जानो खुद को संभाल नहीं सकीं और नदी में बह गईं।

24 घंटे की तलाश के बाद मिला शव

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में नेलगुंडा पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी ओंकार इथापे और पुलिसकर्मियों ने खोज अभियान चलाया। तलाशी के दौरान ड्रोन की मदद भी ली गई।

लगातार करीब 24 घंटे की तलाश के बाद 8 अक्टूबर को इंद्रावती नदी के बीच एक झाड़ी में फंसा जानो का शव मिला। पुलिस ने शव बाहर निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और परिजनों को सौंप दिया।

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