बदहाल शौचालय, असुरक्षित छात्रावास और खराब सुविधाएं; लापरवाही करने पर गड़चिरोली के 2 अधिकारी निलंबित

Ashram School Lapses: गड़चिरोली के जपतलाई छात्रावास में शौचालय, स्नानघरों और सुरक्षा की गंभीर खामियों पर कार्रवाई न करने के आरोप में आदिवासी विकास विभाग ने 2 अधिकारियों को निलंबित किया।
Gadchiroli Ashram School Lapses
गढ़चिरौली आश्रम स्कूल(फोटो नवभारत)
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Gadchiroli Ashram School Lapses: धानोरा तहसील के जपतलाई स्थित अनुदानित आदिवासी छात्रावास में विद्यार्थियों की सुविधा तथा सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खामियों की जांच में लापरवाही बरतने के मामले में आदिवासी विकास विभाग ने 2 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

निलंबित अधिकारियों में तत्कालीन प्रभारी कनिष्ठ शिक्षा विस्तार अधिकारी एस.एन. कन्नाके तथा एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प, गड़चिरोली के सहायक प्रकल्प अधिकारी (शिक्षा) पी. पी. सादमवार शामिल हैं।

नागपुर की अपर आयुक्त आदिवासी विकास आयुषी सिंह ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए, जांच में सामने आया कि अधिकारियों ने विद्यार्थियों से उनकी समस्याओं के बारे में आवश्यक संवाद नहीं किया, छात्रावास में मौजूद सुविधाओं की गंभीर कमियों को जांच रिपोर्ट में दर्ज नहीं किया तथा उन्हें दूर करने के लिए प्रभावी कार्रवाई भी नहीं की।

शौचालय व स्नानघरों की दयनीय स्थिति

आदेश में कहा गया है कि छात्रावास के शौचालय और स्नानघर अस्वच्छ थे। विद्यार्थियों की संख्या को तुलना में उपलब्ध शौचालय और स्नानगृह भी अपर्याप्त थे। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान इस समस्या को गंभीरता से दर्ज कर सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई।

सुरक्षा में भी लापरवाही

छात्राओं के छात्रावास के समीप बड़ी मात्रा में जलावन की लकड़ी रखी गई थी। छात्रावास की दीवार से सटाकर इंटे भी रखी गई थी। इसके अलावा छात्रावास की खिड़कियों के शीशे ठीक से बंद नहीं होते थे और खिड़कियों पर सुरक्षा जालियां भी नहीं थीं।

सहायक परियोजना अधिकारी की जिम्मेदारी केवल छात्रावास का निरीक्षण करने तक सीमित नहीं थी। निरीक्षण में सामने आई खामियों की जानकारी अधिकारियों को देना, संबंधित संस्था को सुधार के लिए नोटिस जारी करना और कमियां दूर होने तक उसका लगातार फॉलोअप करना भी उनकी जिम्मेदारी थी।

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खामियां दूर कराने का नहीं किया प्रयास

सहायक परियोजना अधिकारी की जिम्मेदारी केवल छात्रावास का निरीक्षण करने तक सीमित नहीं थी। निरीक्षण में सामने आई खामियों की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देना, संबंधित संस्था को सुधार के लिए नोटिस जारी करना और कमियां दूर होने तक उसका लगातार फॉलोअप करना भी उनकी जिम्मेदारी थी, गड़चिरोली प्रशासन के अनुसार, सादमवार ने इन जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं किया।

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