

Ambadas Danve Allegations On Snakebite Deaths: गड़चिरोली जिले के जपतलाई आश्रमशाला में हुई सर्पदंश की घटना के बाद संस्थाचालकों पर कार्रवाई कर प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह गंभीर आरोप शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के नेता एवं विधायक अंबादास दानवे ने शुक्रवार को लगाया। दानवे ने जपतलाई पहुंचकर आश्रमशाला का निरीक्षण किया तथा मृत छात्राओं के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
उन्होंने कहा कि 10 अगस्त की भोर में छात्रावास में छात्राओं को सर्पदंश हुआ था। उपचार के दौरान तीन छात्राओं की मौत हो गई, जबकि दो छात्राओं का उपचार अब भी जारी है।
घटना के बाद प्रधानाचार्य और अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई, लेकिन आश्रमशालाओं का नियमित निरीक्षण करने वाले परियोजना अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी अब तक कार्रवाई के दायरे से बाहर हैं।
दानवे के अनुसार यह प्रशासनिक जवाबदेही से बचने का प्रयास है। दानवे ने आश्रमशाला की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि, लगभग 850 वर्ग फुट के कमरे में 110 छात्राओं को सुलाया जा रहा था।
यह छात्रावास नहीं, बल्कि बंदीगृह जैसी स्थिति थी। उन्होंने आरोप लगाया कि, परियोजना अधिकारियों का दायित्व था कि, वह प्रत्येक सप्ताह आश्रमशालाओं का निरीक्षण करें, आवश्यक निर्देश दें और छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने जपतलाई जानेवाले मार्ग की खराब स्थिति को भी हादसे का एक कारण बताया।
दानवे ने कहा कि, लगभग 45 किलोमीटर की दूरी तय करने में दो घंटे लगते हैं, जिससे छात्राओं को समय पर उपचार मिलने में देरी हुई। विधायक अंबादास दानवे ने आरोप लगाया कि, संस्थाचालकों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से आश्रमशालाएं 'भ्रष्टाचार के अड्डे' बन गई हैं। जिससे आश्रमशालाओं को मिलनेवाले अनुदान की राशि कहां खर्च हुई, इसकी उच्चस्तरीय जांच करने की मांग उन्होंने की।
आश्रमशाला बंद करने के निर्णय का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि, इससे 235 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उनके अनुसार स्कूल बंद करने के बजाय वहां प्रशासक नियुक्त कर व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए। इस मामले में शिकायतकर्ता को ही पहला आरोपी बनाया जा रहा है, और प्रशासन कुछ अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री एवं जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा आदिवासी विकास मंत्री डा. अशोक उइके की भी नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की। जपतलाई की घटना के बाद राज्य की सभी आश्रमशालाओं की व्यवस्था में निर्णायक सुधार किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्रा को समान और सुरक्षित सुविधाएं मिल सकें, ऐसी बात उन्होंने कही।