

Gadchiroli Rural Problems: एटापल्ली तहसील की कसनसूर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आनेवाले कासनसूर, पुन्नूर, पारपनगुड़ा, मुसरामगुड़ा और वेनासर गांवों की विभिन्न लंबित जनसमस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी कार्यालय तथा जिला परिषद कार्यालय में दस्तक दी। ग्रामीणों ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जय सेवा युवा प्रतिष्ठान के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. आशिष कोरेटी ने किया। ग्रामीणों ने गांवों की सड़क, मोबाइल नेटवर्क, बिजली आपूर्ति सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अविशांत पांडा से प्रत्यक्ष मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के माध्यम से समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वहीं, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने भी ग्रामीणों की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
सड़क की हालत जर्जर, नेटवर्क भी गायबरू मुसरामगुड़ा गांव की अत्यंत खराब सड़क का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। आवागमन तथा तहसील मुख्यालय से जुड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग करीब 25 से 30 वर्ष पहले गिट्टीकरण किया गया था। लेकिन रखरखाव के अभाव में सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। पारपनगुड़ा गांव में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या का मुद्दा भी प्रशासन के समक्ष रखा गया।
गांव के दोनों ओर पुन्नूर और वागेझरी क्षेत्र में मोबाइल टावर होने के बावजूद पारपनगुड़ा में मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर अथवा उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर सारंग जांभुले, अविनाश कोरेटी, पूर्व सरपंच सुनील मडावी, ग्रापं सदस्य दामोदर नरोटे, मुसरामगुड़ा गांव पटेल, ग्रामसभा अध्यक्ष रसीनाथ गावड़े, पेसा कोष समिति अध्यक्ष सुधाकर कोवाची, पुन्नूर गांव के पुलिस पटेल विकास झोरे तथा प्रकाश नरोटे समेत कासनसूर, पुन्नूर, पारपनगुड़ा, मुसरामगुड़ा और वेनासर गांवों के सैकड़ों महिला-पुरुष ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कासनसूर में प्रस्तावित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का काम वन विभाग से संबंधित प्रशासनिक समस्या एवं विलंब के कारण लंबित होने का मुद्दा भी ग्रामीणों ने उठाया। दुर्गम क्षेत्र के नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है, ऐसी भूमिका जय सेवा युवा प्रतिष्ठान के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. आशिष कोरेटी ने इस अवसर पर रखी। ध्यान नहीं देने पर तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।