गड़चिरोली महिलाएं आमरण अनशन (सौ. नवभारत)
Gadchiroli Project News: गड़चिरोली जिलाधीश कार्यालय के सामने अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठी 22 महिलाओं में से तीन महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनशनकारी महिलाओं ने चामोर्शी के पार्षद आशीष पिपरे पर अगरबत्ती प्रकल्प में आर्थिक धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। महिलाएं संबंधित आरोपों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार से जिलाधीश कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठी हैं।
इस दौरान तीन महिलाओं की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। विशेष बात यह है कि आशीष पिपरे और अनशनकारी महिलाओं ने एक-दूसरे के खिलाफ जांच की मांग की थी, लेकिन पिछले तीन वर्षों से पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के नाम पर महिलाओं के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर चामोर्शी की महिलाओं ने 23 तारीख से जिलाधीश कार्यालय के सामने अनशन शुरू कर पार्षद आशीष पिपरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर पिपरे ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए सीबीआई, ईडी और एसआईटी से जांच कराने की मांग की है।
महिलाओं का आरोप है कि वर्ष 2019 में उनके नाम पर ऋण लिया गया 25 हजार रुपये की मशीन को 1 लाख रुपये में दर्शाकर आर्थिक अनियमितता की गई। “मेक इन गड़चिरोली योजना के अंतर्गत गड़चिरोली और चामोर्शी में अगरबती प्रकल्प शुरू किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में ये प्रकल्प बंद हो गए।इसके बावजूद ऋण लेने वाली महिलाओं को बैंक की ओर से किस्त भरने के लिए नोटिस जारी किए गए, जिससे पीड़ित महिलाओं ने दोषियों पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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चामोर्शी पार्षद आशीष पिपरे ने बताया की अगरबत्ती व्यवसाय में मेरे परिवार की मां, बहन और भाभी स्वयं शामिल हैं, मैंने केवल व्यवसाय के लिए स्थान उपलब्ध कराया था। और मशीनें आज भी वहीं मौजूद हैं। इस मामले से मेरा कोई संबंध नहीं है। यदि मैं दोषी पाया जाता हूं तो मेरे खिलाफ कार्रवाई की जाए।