महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का क्यों नहीं हुआ ऐलान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने बताई वजह
भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को हरियाणा और जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया हैं। इस दौरान महाराष्ट्र की जनता और राजनीतिक दलों को उम्मीद थी कि हरियाणा और जम्मू कश्मीर के साथ महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों को भी ऐलान किया जाएगा। लेकिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने शुक्रवार केवल दो ही राज्यों के चुनाव का ऐलान किया।
- Written By: आकाश मसने
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार व अन्य (सोर्स: पीटीआई)
मुंबई: भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को हरियाणा और जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया हैं। हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीट के लिए एक अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना चार अक्टूबर को होगी। जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे और मतगणना चार अक्टूबर को होगी।
इस दौरान महाराष्ट्र की जनता और राजनीतिक दलों को उम्मीद थी कि हरियाणा और जम्मू कश्मीर के साथ महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों को भी ऐलान किया जाएगा। लेकिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने शुक्रवार केवल दो ही राज्यों के चुनाव का ऐलान किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने महाराष्ट्र के चुनाव को लेकर कहा कि पहले हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव एक साथ हुए थे। हरियाणा की सरकार का कार्यकाल 3 नवंबर को समाप्त हो रहा है वहीं महाराष्ट्र की सरकार का कार्यकाल 26 नवंबर तक है। उन्होंने कहा कि इस साल चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है और 2025 की शुरूआत में एक राज्य में चुनाव होगा।
सम्बंधित ख़बरें
Political Shock: महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग का बड़ा एक्शन, 40 से ज्यादा उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोक
धुले में वोटर लिस्ट का सबसे बड़ा अभियान, 18.52 लाख मतदाताओं का होगा डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन
हार के डर से रो रहे थे रोना…SIR पर कोर्ट का आदेश आते ही विपक्ष पर टूटी BJP, बोली- ये कोई नई-नवेली योजना नहीं
10 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर होगा उपचुनाव, ECI ने जारी किया शेड्यूल, खरगे-पवार-देवेगौड़ा की सीट हुई खाली
चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि इस साल होने वाले 4 राज्यों के चुनावों को दो-दो राज्यों के चुनाव एक साथ कराने का निर्णय लिया है। पहले हरियाणा और जम्मू कश्मीर में चुनाव होगा इसके बाद महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव होगा।
जम्मू कश्मीर फैक्टर
राजीव कुमार ने कहा कि पिछली बार जम्मू कश्मीर फैक्टर नहीं था इसीलिए महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव एकसाथ हुए थे। लेकिन इस बार जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराना है। इसीलिए सुरक्षा बलाें और बाकी कारणों की वजह से महाराष्ट्र के चुनाव हरियाणा के साथ नहीं किए जा रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि जम्मू कश्मीर चुनाव को लेकर सुरक्षा बलों की जरूरत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
त्योहारों के कारण देरी
महाराष्ट्र में बारिश के तैयारियां अभी पूरी नहीं हुई हैं। साथ ही महाराष्ट्र में अभी त्योहारों का सीजन शुरू है। गणेशोत्सव, पितृपक्ष, नवरात्रि और दीपावली जैसे त्योहारों को देखते हुए दो-दो राज्यों का चुनाव एक साथ कराने का निर्णय लिया गया है। राजीव कुमार ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि जम्मू कश्मीर में चुनाव हाे रहे हो और इसी बीच महाराष्ट्र के चुनावों का ऐलान किया जाए।
4 अक्टूबर के बाद होगी घोषणा
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के इस बयान के माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों की घोषणा हरियाणा और जम्मू कश्मीर के चुनाव नतीजों के बाद होगी। यानी 4 अक्टूबर के निवार्चन आयोग महाराष्ट्र के चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा। और चुनाव नवंबर के अंत या दिसंबर माह के हो सकते हैं।
