एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तंज, 'कुछ लोग कार्यकर्ताओं को नौकर समझते हैं'

Maharashtra News: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हिंदुत्व और भगवा आतंकवाद के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे को आड़े हाथो लिया। बाला साहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे के वीचारों में बहुत बड़ा अंतर हैं।
एकनाथ शिंदे, उद्धव ठाकरे (pic credit; social media)
एकनाथ शिंदे, उद्धव ठाकरे (pic credit; social media)
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Eknath Shinde target Uddhav Thackeray: शिवसेना विधायक संतोष बांगर के नेतृत्व में मंगलवार को कलमनूरी से हिंगोली शहर तक भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी हिस्सा लिया और इसके बाद कांवड़ सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

शिंदे ने हिंदुत्व और भगवा आतंकवाद के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग कार्यकर्ताओं को नौकर समझते हैं, जबकि शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे कार्यकर्ताओं को अपना सखा मानते थे। उन्होंने विधायक संतोष बांगर को अपना सहकारी बताते हुए कहा कि जो लोग कांवड़ यात्रा जैसे आयोजनों से मुंह मोड़ते हैं, वे ठंडी जगहों पर बैठकर सत्ता का सपना देखते हैं।

एकनाथ शिंदे ने कहा मैं 'कॉमन मैन' हूं

शिंदे ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री रहते हुए भी कार्यकर्ता की तरह काम करता था और आज भी जनता की सेवा में लगा हूं। लोग मुझे 'सिर्फ मिनिस्टर' कहते थे, लेकिन मैं 'कॉमन मैन' हूं, जो आम लोगों के लिए समर्पित है।" उन्होंने अपनी सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ढाई साल में मुख्यमंत्री सहायता कोष से जरूरतमंदों को 450 करोड़ रुपये दिए, जबकि पिछले मुख्यमंत्री ने इतने ही समय में केवल 3 करोड़ रुपये खर्च किए।

महायुति को जनता का समर्थन

उन्होंने 'लाडकी बहन योजना' को जुमला कहने वालों को जवाब देते हुए कहा कि इस योजना के तहत महिलाओं के खातों में पैसे जमा किए गए। विपक्ष ने लोगों को भड़काया कि पैसे निकाल लें, वरना सरकार वापस लेगी। लेकिन, शिंदे ने समय से पहले दो महीने का भुगतान सुनिश्चित किया। उन्होंने दावा किया कि महायुति को 232 सीटों के साथ जनता का समर्थन मिला, क्योंकि उनकी सरकार जनता के लिए काम करती है।

भगवा महादेव का प्रतीक

हिंदुत्व पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि भगवा महादेव का प्रतीक है और इसे देखने के लिए साहस चाहिए। जिन्होंने भगवा और हिंदुत्व को छोड़ा, उनका सब डूब गया। शिंदे ने 2022 में संतोष बांगर को फोन कर शिवसेना के साथ आने की बात याद दिलाई और कहा कि उनके 50 विधायकों ने मिलकर हिंदुत्व के लिए ऑपरेशन तख्ता पलट किया। कांग्रेस और विपक्ष पर हमला बोलते हुए शिंदे ने कहा कि 2008 के मुंबई हमलों में आतंकवाद को रंगहीन बताया गया, लेकिन मालेगांव ब्लास्ट को भगवा आतंकवाद करार दिया गया।

राहुल गांधी को हिंदुत्व से है एलर्जी

उन्होंने साध्वी प्रज्ञा सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं पर लगाए गए आरोपों की निंदा की। एकनाथ शिंदे ने कहा कि सेना ने पाकिस्तान को जवाब दिया, लेकिन विपक्ष ने सेना के साहस पर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी को कोर्ट की फटकार का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदुत्व का यह जश्न देखकर कुछ लोगों को "एलर्जी" हो रही है। शिंदे ने जोर देकर कहा कि शिवसेना जनता के लिए काम करती है और बाला साहेब के विचारों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कांवड़ यात्रा को सनातन धर्म का आध्यात्मिक प्रतीक बताया और कहा कि भगवा उनकी पहचान है।

(News Source-आईएएनएस)

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