चंद्रशेखर बावनकुले ने राहुल गांधी पर कसा तंज, फटकार लगने पर भी हरकतों से बाज नहीं आते

Maharashtra News: चंद्रशेखर बावनकुले ने राहुल गांधी के चीन द्वारा भारत जमीन कब्जा वाले बयान पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास विजन का अभाव है।
चंद्रशेखर बावनकुले, राहुल गांधी (pic credit; social media)
चंद्रशेखर बावनकुले, राहुल गांधी (pic credit; social media)
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Maharashtra Politics: एनसीपी (एसपी) नेता जितेंद्र आव्हाड के सनातन को लेकर दिए विवादित बयान को सोची समझी रणनीति का हिस्सा बताया है। चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि जितेंद्र आव्हाड केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र में चुने जाने के लिए ऐसा कह रहे हैं। अगर वह ऐसे बयान नहीं देते हैं, तो उन्हें चुना नहीं जाएगा।

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कहा कि वे जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं जिससे मीडिया की सुर्खियों में बने रहें। अगर आप इस तरह से बार-बार सनातन हिंदू धर्म की आलोचना करते रहेंगे, तो सनातन धर्म के लोग भी चुप नहीं बैठेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारत-चीन के संबंधों को लेकर की गई टिप्पणी पर फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट की इस फटकार पर सियासी बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है।

राहुल गांधी को कई बार फटकार लगाई

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कई बार राहुल गांधी को अलग-अलग लोगों ने कई बार फटकार लगाई। जनता ने भी उनको खारिज कर दिया है। उनकी पार्टी के कार्यकर्ता उन्हें छोड़कर जा रहे हैं। उनके पास न दिशा है, न दशा है; वह कहां जा रहे हैं, पता नहीं। उनके पास कोई विजन नहीं है। देश के विकास को लेकर कोई सोच नहीं है। देश की सीमा और सैनिकों पर टिप्पणी करते हैं, लेकिन कोई बात तथ्य के साथ नहीं कहते हैं।

राहुल गांधी के पास विजन का अभाव

चंद्रशेखर बावनकुले ने आगे कहा, सैनिकों पर बात करते हैं, लेकिन सैनिकों का अपमान भी करते हैं। वे प्रधानमंत्री तक को नहीं छोड़ते। उन्होंने आगे कहा कि देश को आगे लेकर जाने का उनके पास कोई विजन नहीं है। देश को लेकर कांग्रेस पार्टी की कोई सोच नहीं है। नेता का देश को लेकर विजन होता है लेकिन राहुल गांधी के पास इसका अभाव है। उन्हें अभी कई चीजों को सीखने की जरूरत है।

राज ठाकरे ने मनसे कार्यकर्ताओं को दी ये सलाह

वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मनसे कार्यकर्ताओं को हिंदी भाषियों के साथ अच्छा बर्ताव करने की सलाह दी है। इस बयान का चंद्रशेखर बावनकुले ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र की जनता और सभी पार्टियों ने माना है कि मराठी भाषा हमारे खून में है। यह हमारी मातृभाषा है। हम मराठी के लिए जीते हैं। मराठी भाषा हमारी सब कुछ है। उसके बाद भी कोई हिंदी भाषा बोलता है तो वो गलत नहीं है। मराठी भाषा बोलना हमारी अस्मिता है, लेकिन हिंदी भाषा बोलने वालों के साथ मारपीट करना गलत है। राज ठाकरे ने जो बयान दिया है, उसका मैं अभिनंदन करता हूं।"

(News Source-आईएएनएस)

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