उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
Eknath Shinde Target UBT: वरिष्ठ शिवसेना नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) पार्टी के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे को नसीहत देते हुए कहा कि शीशे के घरों में रहने वालों को दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। गोरेगांव स्थित नेस्को में सिद्धेश कदम ने “शासन आपल्या दारी” (सरकार आपका द्वार) पहल के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया था। इस दौरान डीसीएम शिंदे ने उद्धव ठाकरे और यूबीटी नेताओं पर जोरदार हमला बोला। डीसीएम शिंदे ने कहा कि मैं रामदास कदम को जानता हूं, इसलिए आप चिंता मत करो।
विधानसभा का मानसून सत्र हाल ही में समाप्त हुआ है। सत्र के दौरान विधान परिषद में यूबीटी के सदस्य अनिल परब ने मंत्री योगेश कदम को घेरने का कई बार प्रयास किया था। इस दौरान परब ने योगेश पर सनसनीखेज आरोप लगाए थे। इसी पृष्ठभूमि में बोलते हुए डीसीएम शिंदे ने यूबीटी पर जोरदार पलटवार किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब चुनाव आते हैं, तो कुछ लोग बदनामी का खेल खेलते हैं। लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि चुनाव आते-जाते रहते हैं।
डीसीएम शिंदे ने कहा कि इतने वर्षों में ये लोग मराठी लोगों के लिए कुछ नहीं कर सके। यही इनके पेट दर्द की वजह है। हमारी सरकार ने मुंबई की सड़कों का कॉन्क्रीटीकरण करवाया है। अगले ढाई वर्षों में मुंबई की सभी सड़कें कॉन्क्रीट की बन जाएंगी। सड़कों की मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ेगी तो इनका पैसा बंद हो जाएगा।
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शिंदे ने कहा कि 40 लाख मराठी परिवारों को घर देना, बालासाहेब का सपना था। हम इस सपने को आगे बढ़ा रहे हैं। 35 लाख घर बनाने का काम शुरू हो गया है। मराठी लोगों को उनके हक का घर दिलाने के लिए काम चल रहा है। हम मुंबई छोड़कर गए मराठी लोगों को वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, “मैं सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुआ, लेकिन मैं सबको सोने का चम्मच देना चाहता हूं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पहले नागरिकों को काम के लिए सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन फिर भी उनका काम नहीं हो पाता था। इस वजह से वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते थे। लेकिन अब सरकार सीधे उनके घर पहुंच रही है, जिससे लोगों को लाभ मिल रहा है। अब तक लगभग पांच करोड़ नागरिक इस पहल के लाभार्थी बन चुके हैं और यह संख्या आगे और बढ़ने वाली है। कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने आगे कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उन्हें प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें प्रेरित करते हैं और सरकारी योजनाओं के माध्यम से अपना भविष्य बनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने सिद्धेश कदम, योगेश कदम और रामदास कदम के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां मौजूद नेता शाखा प्रमुख रहे हैं. शाखा न्याय का मंदिर है। शिवसैनिक वर्षों से वहां लोगों के लिए काम कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि उन्हें वहां न्याय मिलता है। मैं भी शाखा में जनसेवा के कार्यों के जरिए ही मुख्यमंत्री बना और अपने ढाई साल के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। आज भी उसी दिशा में आगे बढ़ने का काम जारी है।
हमने कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें लाडली बहन योजना, युवा प्रशिक्षण योजना, किसान योजना – इन सभी योजनाओं से लोगों को लाभ मिलता है. लाडली बहन योजना से ढाई करोड़ बहनों को लाभ हुआ है और मैं उनका प्यारा भाई बन गया हूं। मैं जहां भी जाता हूं, मुझे सम्मान मिलता है। कई लोग लाडली बहन योजना के विरोध में थे, लेकिन हमने इसे शुरू किया और हमारी बहनों को इसका सीधा लाभ मिला। उन्होंने कहा कि यह योजना क्रांतिकारी साबित हुई और इसलिए हमें ऐतिहासिक जीत मिली।
इस दौरान शिवसेना नेता गजानन कीर्तिकर, रामदास कदम, सांसद रवींद्र वायकर, प्रवक्ता संजय निरुपम और शिवसेना के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।